नई दिल्ली।
टाटा समूह के कुछ सबसे अधिक घाटे वाले और लंबे समय से निवेश की प्रतीक्षा कर रहे कारोबारों की समीक्षा के लिए सोमवार को टाटा ट्रस्ट्स के न्यासी एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में विशेष रूप से एयर इंडिया और टाटा डिजिटल समेत समूह के कई प्रमुख कारोबारों की प्रगति, प्रदर्शन और निवेश से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह बैठक इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके कुछ ही दिन बाद 12 जून को टाटा संस की अहम बोर्ड बैठक प्रस्तावित है। उस बैठक में कॉरपोरेट प्रशासन, नेतृत्व से जुड़े विषयों और पूंजी आवंटन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स की बैठक में एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित प्रस्तुतियों की समीक्षा की जाएगी। इन प्रस्तुतियों में कारोबारों के लिए किए गए निवेश के औचित्य, परिचालन प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति तथा लगातार हो रहे घाटे जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रह सकते हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि न्यासियों के समक्ष प्रस्तुतियां कौन देगा। हालांकि, टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा से अपेक्षा की जा रही है कि वे 26 मई को हुई टाटा संस बोर्ड बैठक में हुई चर्चाओं के आधार पर अपने विचार और टिप्पणियां साझा करेंगे।
रिपोर्टों में कहा गया है कि इस बैठक में होने वाली चर्चाओं के निष्कर्ष भविष्य में नेतृत्व संबंधी निर्णयों, पूंजी आवंटन की प्राथमिकताओं तथा समूह के उभरते कारोबारों में निवेश की गति को लेकर होने वाले विचार-विमर्श के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ऐसे कारोबार हैं जिन पर सबसे अधिक ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता है और इनके परिणाम सामने आने में अपेक्षाकृत लंबा समय लग सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, हाल के समय में टाटा ट्रस्ट्स के भीतर कॉरपोरेट प्रशासन, उत्तराधिकार योजना, पूंजी आवंटन और टाटा समूह की भविष्य की दिशा को लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ी हैं। यही कारण है कि आगामी बैठकों को समूह के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा, टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन के संभावित तीसरे कार्यकाल, बोर्ड में प्रतिनिधित्व तथा अन्य प्रशासनिक विषयों को लेकर भी आंतरिक स्तर पर चर्चा होने की खबरें सामने आई हैं। माना जा रहा है कि 12 जून की बोर्ड बैठक में इन मुद्दों पर अधिक स्पष्टता देखने को मिल सकती है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई थी।

