Policy Day के दौरान घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबारी सत्र के अंत में Nifty 23,350 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Sensex 117 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी और धातु क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जबकि बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। Nifty के प्रमुख शेयरों में हिंदाल्को इंडस्ट्रीज़, विप्रो, ट्रेंट, कोल इंडिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सबसे अधिक नुकसान में रहे। दूसरी ओर, अदाणी एंटरप्राइजेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे।
क्षेत्रीय सूचकांकों की बात करें तो मीडिया सूचकांक ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 3.5 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, रियल्टी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और स्वास्थ्य सेवा सूचकांक में भी लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। हालांकि, ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, धातु, तेल एवं गैस तथा दूरसंचार क्षेत्र के सूचकांकों में दबाव बना रहा। इन क्षेत्रों के सूचकांकों में 0.5 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाजार का रुख मिश्रित रहा। Nifty Midcap Index लगभग 0.3 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty Smallcap Index लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों ने नीतिगत घोषणाओं और वैश्विक संकेतों का इंतजार करते हुए सतर्क रुख अपनाया, जिसके कारण कारोबार के अंतिम घंटों में चुनिंदा क्षेत्रों में मुनाफावसूली देखने को मिली। कुल मिलाकर, बैंकिंग और मीडिया शेयरों में खरीदारी के बावजूद सूचना प्रौद्योगिकी तथा धातु शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सका और दिन का कारोबार गिरावट के साथ समाप्त हुआ।

