आज भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया, जहां Nifty 24,000 के नीचे फिसल गया और Sensex करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। दोपहर के सत्र में बाजार दिन के निचले स्तरों पर ट्रेड करता रहा। इस गिरावट का मुख्य कारण केंद्रीय बैंक द्वारा जारी नए क्रेडिट-लॉस नियमों के बाद वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली रही।
Nifty के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजी, श्रीराम फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर ओएनजीसी, कोल इंडिया, डॉ रेड्डीज लैब्स, अदानी एंटरप्राइजेज और ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
मिडकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त रही और यह लगभग 0.2प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.4प्रतिशत चढ़ा। सेक्टोरल आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इंडेक्स में लगभग 1प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 0.8प्रतिशत नीचे आया। आईटी सेक्टर में भी कमजोरी रही और यह लगभग 0.7प्रतिशत गिरा, वहीं ऑटो सेक्टर करीब 0.5प्रतिशत फिसला।
दूसरी तरफ ऊर्जा सेक्टर में अच्छी तेजी देखने को मिली, जहां यह करीब 1.6प्रतिशत ऊपर रहा। तेल और गैस सेक्टर में लगभग 1प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि मेटल सेक्टर में करीब 0.7प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। ऑटो सेक्टर की प्रमुख कंपनी मारुति सुजुकी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें उसका मुनाफा लगभग 7प्रतिशत घटकर ₹.3,591करोड़ रहा। यह गिरावट बाजार की धारणा पर भी असर डालती नजर आई। कुल मिलाकर Expiry से पहले बाजार में दबाव और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है, जहां निवेशक सतर्कता बरतते दिख रहे हैं।

