Saturday, August 8, 2026 |
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यूक्रेन में निगरानी सिस्टम पर चीन की पहुंच से बड़ा सुरक्षा खतरा

by Business Remedies
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Ukraine surveillance cameras and security systems during war

New Delhi,

यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच एक नई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि देश के निगरानी सिस्टम पर चीन की संभावित पहुंच से गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन यूक्रेन में लगे करीब 80 से 90 प्रतिशत निगरानी कैमरों तक पहुंच बना सकता है, जिसमें टोही ड्रोन पर लगे कैमरे भी शामिल हैं।

यूक्रेनी मीडिया dev.ua की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह की पहुंच युद्ध के दौरान ड्रोन को बाधित करने और उनकी निगरानी को प्रभावित करने का कारण बन सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पहले भी रूस द्वारा यूक्रेनी ड्रोन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के मामले सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट में ऑक्टावा कैपिटल के संस्थापक ओलेकसांद्र कार्दाकोव के हवाले से बताया गया है कि चीनी कंपनी हिकविजन ने वर्ष 2020 तक कीव स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगभग 7,000 कैमरे स्थापित किए थे। ये स्मार्ट कैमरे वाहन नंबर प्लेट और चेहरों की पहचान करने के साथ-साथ स्कूलों और आंगनबाड़ियों की सुरक्षा पर भी नजर रखते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि चीन के पास इन सिस्टम में कोई गुप्त पहुंच है, तो वह राजधानी की सड़कों पर होने वाली गतिविधियों को आसानी से देख सकता है और यह खतरा केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। हिकविजन यूक्रेन में सबसे लोकप्रिय वीडियो निगरानी सिस्टम माना जाता है। अमेरिका में हिकविजन और दाहुआ के उपकरणों को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन की सूची में रखा गया है और इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य जोखिम माना गया है। वहीं, ब्रिटेन में भी संवेदनशील संस्थानों में चीनी निगरानी सिस्टम के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, चिंता केवल कैमरों तक सीमित नहीं है बल्कि मोबाइल नेटवर्क के बेस स्टेशन तक भी फैली हुई है। इन बेस स्टेशनों में इस्तेमाल होने वाली चीनी बैटरियों में दूर से नियंत्रण करने की क्षमता होती है। इसके अलावा, नेटवर्क में उपयोग होने वाले अधिकांश स्मार्टफोन भी चीन में निर्मित हैं। ऊर्जा संकट के दौरान यूक्रेन में घरों को बिजली उपलब्ध कराने वाले उपकरणों में भी चीनी कंपनियों का दबदबा है। ईकोफ्लो, ब्लुएटी और डेये जैसी कंपनियों के उपकरण वहां सबसे ज्यादा बिक रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि चीन के अलावा अमेरिका का यूक्रेन की तकनीकी व्यवस्था पर सबसे अधिक प्रभाव है। अमेरिका प्रमुख भुगतान सिस्टम जैसे वीजा और मास्टरकार्ड को नियंत्रित करता है, साथ ही क्लाउड सेवाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े प्रमुख प्लेटफॉर्म भी उसके नियंत्रण में हैं।



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