Monday, June 29, 2026 |
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भारत में अप्रैल में private sector activity में तेज उछाल, रोजगार सृजन 10 महीने के उच्च स्तर पर

by Business Remedies
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New Delhi,

भारत के private sector में अप्रैल महीने के दौरान आर्थिक गतिविधियों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़त capacity expansion, बेहतर demand conditions, नए काम के बढ़ते ऑर्डर और technology में निवेश के कारण देखने को मिली है। HSBC के ‘Flash India PMI Composite Output Index’ के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।

आंकड़ों के अनुसार, seasonally-adjusted index जो manufacturing और service sectors के संयुक्त output में महीने-दर-महीने बदलाव को मापता है, वह मार्च के 57.0 से बढ़कर अप्रैल में 58.3 पर पहुंच गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल में new orders की रफ्तार मार्च के मुकाबले अधिक तेज रही और यह ऐतिहासिक रूप से भी मजबूत स्तर पर दर्ज की गई। इससे कंपनियों की उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिला।

रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी

भारत के private sector में रोजगार के अवसरों में भी लगातार वृद्धि हुई है। Survey data के अनुसार, अप्रैल में job creation की दर पिछले 10 महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गई, जो श्रम बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। HSBC की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि मार्च में Middle East से जुड़े संघर्ष के कारण कुछ व्यवधान देखने को मिले थे, लेकिन अप्रैल में private sector activity ने फिर से तेजी पकड़ी है। उन्होंने बताया कि manufacturing sector इस सुधार का मुख्य आधार रहा, जहां output और new orders दोनों में तेज वृद्धि हुई।

कंपनियां बना रहीं buffer stock

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां supply side में संभावित अनिश्चितताओं से निपटने के लिए buffer stock तैयार कर रही हैं। Finished goods और input inventories में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, साथ ही purchasing volume में भी तेजी आई है। हालांकि, input cost का दबाव अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिसके चलते कंपनियों ने अपने उत्पादों के selling price में आंशिक बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि inflation rate अभी भी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है, हालांकि service sector में थोड़ी नरमी के कारण इसमें कुछ कमी आई है। S&P Global द्वारा तैयार PMI रिपोर्ट के अनुसार, manufacturing sector में output और sales दोनों में मजबूत सुधार हुआ है, लेकिन यहां price pressure और अधिक बढ़ा है।

उत्पादन क्षेत्र आगे, सेवा क्षेत्र पीछे

रिपोर्ट में बताया गया कि goods producers यानी उत्पादन क्षेत्र की कंपनियों ने new orders और output दोनों में service providers की तुलना में अधिक तेज वृद्धि दर्ज की। इनके index में तीन अंक से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, service sector में भी वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी रही। Export के मामले में भी दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग रुझान देखने को मिले। जहां goods producers ने export में तेज वृद्धि दर्ज की, वहीं service sector में growth की रफ्तार धीमी पड़ी। रिपोर्ट के अनुसार, goods producers ने पिछले नौ महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की, जबकि service कंपनियों की वृद्धि एक साल से अधिक समय में सबसे कमजोर रही, जिसका कारण Middle East में जारी संघर्ष को माना गया है। समग्र स्तर पर new export business की वृद्धि मार्च के मुकाबले धीमी रही है।



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