Monday, June 29, 2026 |
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कतर दौरे पर जाएंगे मंत्री हरदीप सिंह पुरी, गैस आपूर्ति पर होगी अहम चर्चा

by Business Remedies
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Hardeep Singh Puri discusses gas supply during his visit to Qatar

नई दिल्ली,

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच देश में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी April 9 से April 10 तक कतर के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरे के दौरान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है, ऐसे में भारत घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान दे रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण ऊर्जा क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। पिछले महीने कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ने दीर्घकालिक गैस आपूर्ति समझौतों पर ‘अपरिहार्य परिस्थिति’ लागू करने की घोषणा की थी, जिससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई। हालांकि भारत का नाम सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं था, लेकिन भारत कतर से गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों में बना हुआ है।

हमलों से बुनियादी ढांचे को नुकसान

ईरान के हमलों के कारण कतर के ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कतर की कुल गैस निर्यात क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। इन हमलों में गैस उत्पादन इकाइयों को क्षति पहुंची है, जिससे सालाना उत्पादन में करीब 12.8 मिलियन टन की कमी आई है। मरम्मत कार्य पूरा होने में तीन से पांच वर्ष का समय लग सकता है। इस व्यवधान के कारण कतर को सालाना करीब 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। इससे यूरोप और एशिया के कई देशों में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर किया रुख

स्थिति को देखते हुए भारत की कंपनियों ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से गैस आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत तलाशने शुरू कर दिए हैं। यह गैस मुख्य रूप से औद्योगिक उपयोग के लिए लाई जाती है। भारत ने वर्ष 2025 में लगभग 25.5 मिलियन टन गैस का आयात किया था और सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत की थी। इस दौरान ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की गई और वैश्विक आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दिया गया। साथ ही होरमुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही के महत्व पर भी चर्चा हुई।



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