New Delhi,
वैश्विक स्तर पर बड़ी कंपनियों में रोजगार को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। मनोरंजन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वॉल्ट डिज़्नी निकट भविष्य में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है, वहीं तकनीक और बैंकिंग क्षेत्र की कंपनियां भी इसी दिशा में कदम उठा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वॉल्ट डिज़्नी आने वाले हफ्तों में लगभग 1,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। इनमें से अधिकतर कटौती कंपनी के विपणन विभाग में होने की संभावना जताई जा रही है। बताया गया है कि यह योजना मार्च में नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोश डी’अमारो के पद संभालने से पहले ही तैयार की गई थी। हालांकि, यह छंटनी कंपनी के कुल कर्मचारियों का 1 प्रतिशत से भी कम हिस्सा होगी। वित्तीय वर्ष 2025 के अंत तक कंपनी में लगभग 2,31,000 कर्मचारी कार्यरत थे।
खर्च घटाने के लिए नई रणनीति पर काम
कंपनी के नए मुख्य विपणन अधिकारी असद अयाज़ कंपनी के विपणन कार्यों को एकीकृत करने और लागत कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए ‘प्रोजेक्ट इमैजिन’ नामक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जनवरी से उन्होंने पूरे संगठन के विपणन कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है। इसी बीच, तकनीकी क्षेत्र की बड़ी कंपनी ओरेकल ने भी वैश्विक स्तर पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। कई कर्मचारियों को सुबह-सुबह ईमेल के माध्यम से नौकरी समाप्त होने की सूचना दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी लगभग 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जो इसके कुल वैश्विक कार्यबल का लगभग 18 प्रतिशत है। विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों ने सामाजिक मंचों पर इस जानकारी की पुष्टि की है।
बैंकिंग क्षेत्र में भी कटौती की तैयारी
दूसरी ओर, वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख संस्था एचएसबीसी भी आने वाले वर्षों में कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉर्ज एलहेडेरी संचालन को अधिक कुशल बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विशेष रूप से वे पद जो सीधे ग्राहकों से जुड़े नहीं हैं, जैसे सेवा केंद्रों के मध्य और बैक-ऑफिस कार्य, सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी चर्चा प्रारंभिक चरण में है। वर्ष 2025 के अंत तक एचएसबीसी में लगभग 2,10,000 कर्मचारी कार्यरत थे। विशेषज्ञों का मानना है कि लागत कम करने, नई तकनीकों के उपयोग और बदलते व्यावसायिक माहौल के कारण कंपनियां अपने कार्यबल में कटौती कर रही हैं। आने वाले समय में यह प्रवृत्ति और तेज हो सकती है, जिससे वैश्विक रोजगार बाजार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

