नई दिल्ली,
जर्मनी की लग्ज़री कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में अपने सभी वाहनों की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार यह नई कीमतें 1 April 2026 से लागू होंगी। कंपनी ने बताया कि विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में लगातार उतार-चढ़ाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लेना पड़ा है।
विदेशी मुद्रा दबाव और लागत बढ़ने से लिया गया निर्णय
कंपनी के बिक्री और विपणन के उपाध्यक्ष ब्रेंडन सिसिंग ने कहा कि भारतीय रुपया यूरो के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है, जिससे कंपनी की परिचालन लागत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति के कारण आयात से जुड़ी लागत और उत्पादन से जुड़े खर्चों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सिसिंग के अनुसार कंपनी हमेशा कोशिश करती है कि बढ़ती लागत का बोझ खुद वहन किया जाए ताकि ग्राहकों पर अतिरिक्त भार न पड़े। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में कीमतों में थोड़ा संशोधन करना आवश्यक हो गया है, जिससे कारोबार की दीर्घकालिक स्थिरता बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा कि 1 April से कंपनी अपने पूरे वाहन पोर्टफोलियो में लगभग 2 प्रतिशत की कीमत वृद्धि लागू करेगी। यह निर्णय मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता, विशेषकर यूरो के मुकाबले रुपये के लगातार कमजोर होने और कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण लिया गया है।
ग्राहकों पर असर कम रखने की कोशिश
कंपनी का कहना है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी सावधानी के साथ लागू की जाएगी ताकि ग्राहकों पर इसका प्रभाव न्यूनतम रहे। मर्सिडीज-बेंज इंडिया का ध्यान आगे भी प्रीमियम उत्पाद उपलब्ध कराने और ग्राहकों को उच्च स्तर का अनुभव देने पर बना रहेगा। सिसिंग ने कहा कि कंपनी लागत दबाव को अपने स्तर पर समायोजित करने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन कारोबार की स्थिरता बनाए रखने के लिए कभी-कभी कीमतों में संशोधन आवश्यक हो जाता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कीमतों में बदलाव के बावजूद ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता और सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह मूल्य संशोधन भारत में उपलब्ध उसके सभी मॉडलों पर लागू होगा और 1 April 2026 से नई कीमतें प्रभावी हो जाएंगी।
ऑडी इंडिया ने भी बढ़ाई कीमतें
इसी बीच, इसी सप्ताह जर्मनी की एक अन्य लग्ज़री कार निर्माता कंपनी ऑडी इंडिया ने भी अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि 1 April 2026 से उसके सभी मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 2 प्रतिशत तक वृद्धि की जाएगी। ऑडी इंडिया के अनुसार कच्चे माल की बढ़ती लागत और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण कुल खर्च बढ़ गया है, जिसके चलते कीमतों में संशोधन का फैसला लिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम कारोबार को स्थिर बनाए रखने और उत्पादन से जुड़े बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए आवश्यक है।

