नई दिल्ली,
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालिया रिकॉर्ड स्तर के बाद शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत लगभग स्थिर स्तर पर हुई, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना लगभग 0.14 प्रतिशत गिरकर प्रति 10 ग्राम 1,60,046 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी करीब 0.19 प्रतिशत घटकर प्रति किलोग्राम 2,67,448 रुपये पर पहुंच गई।
विश्लेषकों के अनुसार हाल के दिनों में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके कारण बाजार में थोड़ी नरमी आई। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है, जिससे कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान युद्ध की खबरों, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का सोने पर सीधा असर पड़ रहा है। तेल की कीमतों में तेजी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है, जिसका असर सोने की चाल पर भी दिखाई दे रहा है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई की आशंका बनी हुई है। इस स्थिति में निवेशकों का रुझान अमेरिकी डॉलर और बांड प्रतिफल की ओर बढ़ा है, जिससे सोने की तेजी पर दबाव देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सोना फिलहाल मजबूत डॉलर और बढ़ते बांड प्रतिफल के कारण तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। विश्लेषकों का यह भी कहना है कि हाल ही में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोना अल्पकालिक सुधार के दौर में प्रवेश कर गया है। मौजूदा समय में कीमतें कुछ अल्पकालिक औसत स्तरों से नीचे आ गई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल तेजी की गति थोड़ी धीमी हुई है, हालांकि दीर्घकालिक दृष्टि से तेजी का रुझान अभी भी कायम माना जा रहा है। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी का भी असर सोने पर पड़ा है। तेज उतार-चढ़ाव के दौरान कई निवेशकों ने नकदी जुटाने और अपने मार्जिन दायित्व पूरे करने के लिए सोने में अपने निवेश कम किए, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर लगभग 0.07 प्रतिशत मजबूत होकर 99.81 अंक के आसपास पहुंच गया, जिससे अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए डॉलर आधारित कीमती धातुएं महंगी हो गईं। ऊर्जा बाजार की बात करें तो ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 0.47 प्रतिशत गिरकर प्रति बैरल 99.99 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल करीब 0.67 प्रतिशत गिरकर प्रति बैरल 95.09 डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वैश्विक आपूर्ति को बढ़ाने के उद्देश्य से अमेरिकी ट्रेजरी ने अस्थायी अनुमति दी है, जिसके तहत देश समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद कर सकेंगे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,56,000 रुपये से 1,57,000 रुपये का स्तर प्रमुख समर्थन माना जा रहा है, जबकि 1,75,000 रुपये और 1,80,000 रुपये के स्तर पर प्रतिरोध देखने को मिल सकता है। वहीं चांदी के लिए 2,58,000 रुपये और 2,60,000 रुपये समर्थन स्तर माने जा रहे हैं, जबकि 2,78,000 रुपये और 2,80,000 रुपये के आसपास प्रतिरोध बन सकता है।

