नई दिल्ली,
भारत में समावेशी और नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने “AI और जेंडर सशक्तिकरण” पर आधारित एक विशेष केसबुक जारी की है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह केसबुक आधिकारिक रूप से ‘India AI Impact Summit 2026’ के दौरान लॉन्च की गई। इसे भारत सरकार ने IndiaAI Mission के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से तैयार किया है। इस पहल में संयुक्त राष्ट्र महिला संस्था (UN Women) के साथ साझेदारी की गई है तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) का सहयोग भी प्राप्त हुआ है।
इस केसबुक में वैश्विक दक्षिण के विभिन्न देशों से 23 वास्तविक AI समाधान शामिल किए गए हैं, जो जेंडर समानता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मापनीय प्रभाव दर्शाते हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन 23 समाधानों का चयन 50 से अधिक देशों से प्राप्त 233 प्रविष्टियों में से एक सख्त बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। सरकारी बयान के मुताबिक, एक स्वतंत्र मूल्यांकन समिति, जिसमें MeitY, MoWCD और UN Women के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, ने सभी प्रस्तावों का आकलन वास्तविक उपयोग, जेंडर प्रभाव की स्पष्टता और प्रमाण-आधारित परिणामों के आधार पर किया।
केसबुक में शामिल समाधान स्वास्थ्य सेवाओं, विशेष रूप से मासिक धर्म स्वास्थ्य, आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुरक्षा तथा तकनीक के माध्यम से होने वाली जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम, जलवायु अनुकूलन और टिकाऊ कृषि, न्याय और कानूनी सेवाओं तक पहुंच, शिक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करते हैं। इसके अलावा नीति निर्माताओं और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के लिए ज्ञान संसाधन के रूप में भी इसे तैयार किया गया है। इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली, जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने JanAI Expo के दौरान UN Women के स्टॉल का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली उन युवा महिलाओं से संवाद किया, जो WeSTEM परियोजना के तहत STEM क्षेत्रों में करियर बना रही हैं। यह परियोजना UN Women द्वारा मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसमें यूरोपीय संघ, माइक्रोन, नोकिया और हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन का भी सहयोग है।
सरकारी बयान के अनुसार, इन युवा महिलाओं ने साझा किया कि वे किस प्रकार AI का उपयोग कर नए कौशल विकसित कर रही हैं, शिक्षा तक पहुंच बढ़ा रही हैं और रोजगार के नए अवसर तलाश रही हैं। यह पहल उन्हें भविष्य की तकनीकी नेतृत्व भूमिका की ओर अग्रसर कर रही है। मंत्रालय ने कहा कि यह केसबुक नीति निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के लिए एक व्यापक ज्ञान दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI प्रणालियां नैतिक, समावेशी और महिलाओं तथा बालिकाओं की विविध सामाजिक वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील हों, ताकि भारत और वैश्विक दक्षिण में संतुलित और न्यायपूर्ण तकनीकी विकास को बढ़ावा मिल सके।

