मुंबई,
भारत के प्रमुख शहरों में खुदरा कंपनियों द्वारा की गई Real Estate Leasing वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 8.9 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र लीज पर लिया गया, जबकि कुल नई आपूर्ति लगभग 4.3 मिलियन वर्ग फुट रही, जो वर्ष 2024 की तुलना में 268 प्रतिशत अधिक है। सीबीआरई साउथ एशिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि नई आपूर्ति में हैदराबाद का योगदान आधे से अधिक रहा। इसके बाद मुंबई और दिल्ली-एनसीआर का स्थान रहा। इन शहरों में बड़े मॉल और हाई-स्ट्रीट स्थानों पर नए प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हुए, जिससे खुदरा क्षेत्र को मजबूती मिली।
रिपोर्ट के अनुसार, फैशन और परिधान श्रेणी ने कुल लीजिंग में लगभग 48 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे अधिक बढ़त दिखाई। इस श्रेणी में सस्टेनेबल लेबल, स्ट्रीटवियर, एथनिक और फ्यूजन वियर, एथलीजर, लग्जरी या डिजाइनर ब्रांड तथा डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड के नए स्टोर खुले। इससे बाजार में विविधता और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ी हैं। जुलाई से दिसंबर 2025 की अवधि में लगभग 2.1 मिलियन वर्ग फुट नई खुदरा आपूर्ति शुरू हुई। इस दौरान कई बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और प्रीमियम स्थानों पर स्टोर चालू हुए, जिससे लीजिंग गतिविधि में तेजी आई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI आधारित तकनीकें ग्राहकों को व्यक्तिगत अनुभव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। Generative AI, वर्चुअल ट्रायल, सोशल शेयरिंग और पूर्वानुमान आधारित मॉडलिंग के जरिए कंपनियां रिटर्न कम करने और स्टॉक प्रबंधन बेहतर करने में सफल हो रही हैं। खाद्य और पेय श्रेणी की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत रही। प्रीमियम मॉल और हाई-स्ट्रीट हब में बड़े अनुभवात्मक स्टोर की मांग ने इस श्रेणी को बढ़ावा दिया। आभूषण ब्रांडों की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत रही, जिसमें लैब-ग्रोउन डायमंड विक्रेताओं ने स्टोर विस्तार में अग्रणी भूमिका निभाई। वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में खुदरा क्षेत्र में लीजिंग गतिविधि उल्लेखनीय रूप से बढ़ी और लगभग 5.6 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई। हैदराबाद, दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई इस वृद्धि के प्रमुख केंद्र रहे।
सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुमन मैगजीन ने कहा कि वर्ष 2025 में रिकॉर्ड लीजिंग वॉल्यूम यह दर्शाता है कि बाजार गुणवत्ता और अनुभव आधारित वृद्धि की ओर बढ़ रहा है। खुदरा विक्रेता अब फ्लैगशिप स्टोर, कियोस्क और जेन-जेड केंद्रित प्रारूपों पर जोर दे रहे हैं, जिससे ग्राहक संख्या, ठहराव समय और ब्रांड जुड़ाव में वृद्धि हो रही है। सीबीआरई इंडिया के प्रबंध निदेशक राम चंदनानी ने कहा कि घरेलू कंपनियां अभी भी लीजिंग गतिविधि में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी सक्रिय हैं। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड ऑफलाइन विस्तार पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक स्थिरता और बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कम मुद्रास्फीति रुझान, आयकर दरों में संशोधन और जीएसटी के सरलीकरण ने उपभोग वृद्धि को समर्थन दिया है, जिसका सीधा लाभ खुदरा क्षेत्र को मिला है।

