नई दिल्ली,
अमेरिका की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न अगले सप्ताह कर्मचारियों की छंटनी के दूसरे चरण की घोषणा कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने कुल 30,000 कर्मचारियों की संख्या कम करने की योजना पर आगे बढ़ रही है। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से मिली कार्यकुशलता और संरचनात्मक बदलावों के कारण उठाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि छंटनी का यह नया दौर मुख्य रूप से श्वेत कॉलर पदों को प्रभावित करेगा। इनमें अमेज़न वेब सर्विसेज, पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिट (मानव संसाधन विभाग), प्राइम वीडियो और खुदरा कारोबार से जुड़े विभाग शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि छंटनी का स्तर पहले चरण के बराबर हो सकता है। अक्टूबर में कंपनी ने लगभग 14,000 श्वेत कॉलर कर्मचारियों को कार्यबल से हटाया था, जो प्रस्तावित 30,000 की कुल संख्या का लगभग आधा था। उस समय कंपनी ने आंतरिक पत्र में कहा था कि AI तकनीक के बढ़ते उपयोग से काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव आ रहा है। पत्र में इसे इंटरनेट के बाद की सबसे परिवर्तनकारी तकनीक बताया गया था, जो कंपनियों को पहले से कहीं अधिक तेज़ी से नवाचार करने में सक्षम बना रही है।
हालांकि बाद में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जैसी ने तीसरी तिमाही की आय संबंधी बैठक में स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह वित्तीय कारणों या केवल AI के कारण नहीं था। उन्होंने कहा कि कंपनी की संस्कृति और अत्यधिक नौकरशाही भी एक बड़ा कारण है। उनके अनुसार समय के साथ संगठन में परतें बढ़ती जाती हैं और कर्मचारियों की संख्या आवश्यकता से अधिक हो जाती है। वर्ष 2025 की शुरुआत में जैसी ने संकेत दिया था कि AI के प्रभावी उपयोग से कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यबल का आकार धीरे-धीरे छोटा होगा। यदि 30,000 कर्मचारियों की छंटनी होती है तो यह कंपनी के तीन दशक के इतिहास में सबसे बड़ी कटौती होगी। इससे पहले वर्ष 2022 में 27,000 कर्मचारियों की छंटनी की गई थी। हालांकि यह संख्या अमेज़न के कुल 1.58 मिलियन कर्मचारियों की तुलना में सीमित हिस्सा ही मानी जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार जिन कर्मचारियों पर असर पड़ेगा, वे 90 दिनों तक कंपनी के वेतन ढांचे में बने रह सकते हैं। इस दौरान वे कंपनी के भीतर अन्य पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे या बाहर नई नौकरी तलाश सकेंगे। इस बीच दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कई बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि AI मानव नौकरियों को पूरी तरह समाप्त नहीं करेगा, बल्कि कार्य प्रणाली को बदलेगा और कई कार्यों को स्वचालित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां दक्षता और लागत संतुलन के लिए तकनीक आधारित मॉडल को प्राथमिकता देंगी।

