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मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देता Elite Smile Dental Clinic: Dr. Bhuvnesh Gupta

by Business Remedies
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चारु भाटिया | बिजनेस रेमेडीज/जयपुर।हर सफल मेडिकल प्रैक्टिस के पीछे संघर्ष, उद्देश्य और शांत दृढ़ता की एक कहानी होती है। दंत चिकित्सा, जिसे अक्सर चिकित्सा की अन्य शाखाओं की तुलना में कम आंका जाता है, न केवल मौखिक स्वास्थ्य बल्कि आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी आकार देने में अहम भूमिका निभाती है। यह कहानी है जयपुर स्थित दंत चिकित्सक Dr. Bhuvnesh Gupta की, जिन्होंने परिवार से मिली प्रेरणा, स्कूल के दिनों में सीखी गई अनुशासनशीलता और वर्षों के अनुभव को करुणा, किफायती उपचार और आत्मविश्वास से भरी मुस्कान देने वाली प्रैक्टिस में बदला। इस विस्तृत बातचीत में वे अपनी यात्रा, चुनौतियों, सोच और दंत चिकित्सा के भविष्य के अपने विजऩ पर बात करते हैं।

प्रश्न: आपने जयपुर में एक डेंटल क्लिनिक स्थापित किया है। स्कूल के दिनों से लेकर अब तक आपकी यात्रा कैसी रही है?

उत्तर: अगर मैं अपनी यात्रा की जड़ तक जाऊँ, तो इसकी शुरुआत मेरे बचपन और पारिवारिक माहौल से होती है। मेरे पिता की स्टेशनरी की दुकान थी और उनसे मैंने मेहनत, निरंतरता और लोगों से ईमानदारी से व्यवहार करने का महत्व सीखा। वहीं मेरी माँ हमेशा मुझे अलग सोचने, ऊँचा लक्ष्य रखने और आसान या स्पष्ट रास्तों तक खुद को सीमित न रखने के लिए प्रेरित करती रहीं।

मेरे जीवन पर एक बड़ा प्रभाव मेरे मामा का रहा, जो एक डॉक्टर थे। उन्हें अपने मरीजों के लिए दिन-रात काम करते देखना मेरे मन पर गहरी छाप छोड़ गया। मैंने बहुत कम उम्र में समझ लिया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक सेवा और जिम्मेदारी है। यह प्रेरणा मेरे पूरे स्कूल जीवन में मेरे साथ रही।

पढ़ाई के लिहाज़ से मैं हमेशा गंभीर और केंद्रित छात्र रहा। सेकेंडरी परीक्षा में मुझे गणित में 99 अंक मिले, जिससे मेरा आत्मविश्वास और मजबूत हुआ। बारहवीं के बाद मैंने पहली ही कोशिश में प्री-मेडिकल टेस्ट परीक्षा पास कर ली। मेरे पास मेडिकल और डेंटल कॉलेज के बीच चयन का विकल्प था, लेकिन मैंने दंत चिकित्सा को चुना क्योंकि मुझे एक सरकारी डेंटल कॉलेज मिल रहा था, जहाँ बेहतर शैक्षणिक और क्लिनिकल अनुभव मिलने की उम्मीद थी।

पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने प्रैक्टिकल अनुभव हासिल किया और इस पेशे की वास्तविकताओं को समझा। मैंने काफी रिसर्च की, अलग-अलग डेंटल प्रैक्टिस मॉडल देखे और मरीजों की मानसिकता को समझने की कोशिश की। अंतत: वर्ष 2013 में मैंने जयपुर में अपना डेंटल क्लिनिक शुरू किया। एक साल बाद, 2014 में मेरी शादी हुई और मेरी पत्नी भी दंत चिकित्सक हैं। जीवनसाथी का पेशे को समझना मेरे लिए हमेशा बड़ी ताकत और सहारा रहा है।

प्रश्न: डेंटल क्लिनिक खोलते समय आपको किन शुरुआती चुनौतियों का सामना करना पड़ा और आपने उन्हें कैसे पार किया?

उत्तर: शुरुआती दौर निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण था। क्लिनिक स्थापित करना केवल चिकित्सा ज्ञान तक सीमित नहीं होता, इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना, आर्थिक निवेश, मरीजों तक पहुँच और संचालन प्रबंधन भी शामिल होता है। सबसे बड़ी चिंता यह थी कि लोग एक नए क्लिनिक पर कैसे भरोसा करेंगे।

आर्थिक रूप से भी यह समय कठिन था। शुरुआत में मुझे क्लिनिक स्थापित करने के लिए ऋण लेना पड़ा। उपकरण खरीदने से लेकर इंटीरियर तक हर फैसला महत्वपूर्ण लगता था। इस दौरान मैंने खुद से सीखने पर बहुत भरोसा किया। किताबें पढ़ीं, ऑनलाइन रिसर्च की और अन्य क्लिनिक कैसे काम करते हैं, यह देखा।

आज भी मेरा मानना है कि सीखना कभी खत्म नहीं होता। जीवन खुद एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। एक आदत जिसने मेरी बहुत मदद की है, वह है रोज़ के अनुभवों को लिखना। इससे आत्ममंथन करने और अगले दिन बेहतर करने के लिए मन को स्पष्ट दिशा मिलती है।

प्रश्न: आपका क्लिनिक अन्य डेंटल क्लिनिक से कैसे अलग है? इसे क्या खास बनाता है?

उत्तर: सबसे बड़ा अंतर हमारे उद्देश्य में है। हम हर मरीज को एक आत्मविश्वास से भरी और खुशहाल मुस्कान देने में विश्वास रखते हैं। हमारे क्लिनिक का दर्शन हमारे टैगलाइन में झलकता है — मुस्कान में स्टाइल फैलाइए।

बहुत से लोग तब तक दांतों के महत्व को नहीं समझते जब तक उन्हें दर्द या परेशानी न हो। दांत बोलने, मुस्कुराने और व्यक्तित्व को प्रस्तुत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। दांतों का रंग, बनावट और सीधापन सीधे आत्मविश्वास को प्रभावित करता है। Elite Smile Dental Clinic में हमारा उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

कई मरीज ऐसे भी आते हैं जिनका दैनिक जीवन दांतों के दर्द या संक्रमण के कारण प्रभावित हो चुका होता है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य उन्हें दर्द से राहत देना और किफायती कीमत पर सही इलाज उपलब्ध कराना है।

प्रश्न: तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक उपकरण दंत चिकित्सा में कैसे मदद कर रहे हैं?

उत्तर: मेरा मानना है कि नई तकनीक को अपनाना बेहद जरूरी है। पेशेवरों के रूप में हमें खुद को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। तकनीक में निवेश करना पड़ता है, लेकिन इसके फायदे स्पष्ट हैं।

आज पारंपरिक एक्स-रे की जगह डिजिटल एक्स-रे ने ले ली है, जो तेज़, सुरक्षित और अधिक सटीक हैं। इलाज में इन्ट्रा ओरल कैमरा और डिजिटल स्कैन जैसे उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं। इससे पूरे मुंह की स्पष्ट तस्वीर स्क्रीन पर दिखाकर मरीज को उसकी समस्या आसानी से समझाई जा सकती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग डेटा प्रबंधन में भी हो रहा है। इससे मरीजों का रिकॉर्ड, इलाज का इतिहास और कार्यक्षमता बेहतर होती है। मरीजों की प्रतिक्रियाएँ और वीडियो अनुभव भी आज भरोसा बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न: क्लिनिक के प्रचार के लिए आप कौन-सी मार्केटिंग तकनीक अपनाते हैं?

उत्तर: मैं आज भी मानता हूँ कि मुँहजबानी प्रचार सबसे प्रभावी और भरोसेमंद तरीका है। संतुष्ट मरीज की सिफारिश किसी भी विज्ञापन से कहीं ज्यादा असरदार होती है। हम डिजिटल प्रचार पर बहुत अधिक निर्भर नहीं हैं, लेकिन समय के साथ सोशल मीडिया का सीमित और सादा उपयोग शुरू किया है। हमारा फोकस हमेशा वास्तविक अनुभव और इलाज की गुणवत्ता पर रहता है।

प्रश्न: दांतों को अक्सर शरीर के अन्य अंगों जितना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता। क्या यह एक भ्रम है?

उत्तर: हाँ, यह एक बड़ा भ्रम है। शरीर का हर अंग — दांत, आँखें, मस्तिष्क — अनमोल है। दांत बोलने में अहम भूमिका निभाते हैं और आपकी बोली आपके व्यक्तित्व को प्रभावित करती है।

कई लोग टेढ़े या पीले दांतों के कारण तस्वीरों में मुस्कुराने से भी हिचकिचाते हैं। डर और लापरवाही के कारण लोग दंत चिकित्सक के पास देर से जाते हैं, जबकि आज दंत चिकित्सा काफी आधुनिक, सुरक्षित और मरीजों के अनुकूल हो चुकी है।

प्रश्न: दंत चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: सरकार अस्पताल और डेंटल कॉलेज खोलकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास कर रही है, जो सराहनीय है। लेकिन असली चुनौती लोगों की सोच बदलने की है। डर और जागरूकता की कमी के कारण लोग समय पर इलाज नहीं कराते। डर इंसान से काम करवाता है, लेकिन प्यार इंसान से बेहतर काम करवाता है।

प्रश्न: क्लिनिक को लेकर आपका भविष्य का विजऩ क्या है?

उत्तर: मेरा उद्देश्य सभी को सुंदर और आत्मविश्वास से भरी मुस्कान देना है। अगर इसके लिए आगे चलकर दस और क्लिनिक खोलने पड़ें, तो मैं तैयार हूँ, लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा।

वर्तमान में मेरे और मेरी पत्नी Dr. Kirti Gupta के अलावा तीन अन्य दंत चिकित्सक क्लिनिक में कार्यरत हैं। हमारे लिए इलाज सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि मरीजों के साथ साझा की जाने वाली एक यात्रा है।

प्रश्न: युवा और नए दंत चिकित्सकों को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

उत्तर: सिर्फ एक ही संदेश है — दिल से काम करें। जब आप दंत चिकित्सा को सेवा समझकर अपनाते हैं, तो सफलता अपने आप आपके पीछे आती है।



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