Tuesday, July 14, 2026 |
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त्योहारों से पहले सरकार ने आम-जन को दिया ‘फेस्टिव बोनांजा’

आवश्यकता की वस्तुओं पर सरकार ने ‘जीएसटी’ घटाकर किया जीरो

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली(आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में त्योहारों से पहले आम-जन को बड़ी सौगात दी गई है और आवश्यकता की वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर जीरो कर दिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोटियों पर कोई भी जीएसटी नहीं लगेगा। रोटी हो या पराठा या भारतीय ब्रेड, इन चीजों पर जीएसटी शून्य होगा। जिन वस्तुओं पर जीएसटी 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, उनमें खाखरा, चपाती या रोटी, दूध, ब्रेड, छेना और पनीर शामिल हैं।

जीएसटी परिषद की ओर से भारत के अप्रत्यक्ष कर ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। इस कारण 22 सितम्बर से देश में कई चीजों के दामों में काफी देखने को मिलेगी और इससे आम जनता को सीधे फायदा होगा। नए जीएसटी कर ढांचे की खास बात यह है कि इसमें स्लैब की संख्या चार (5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत) से घटाकर दो (5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत) कर दी गई है। वहीं, लग्जरी और सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाने का ऐलान किया गया है, इनमें लग्जरी कार, गुड्स और सिगरेट एवं तंबाकू जैसे उत्पाद आते हैं।

मैप, चार्ट और ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, पेस्टल, एक्सरसाइज बुक और नोटबुक पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। साथ ही केंद्र सरकार ने 33 जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया। साथ ही सरकार ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी घटाने का फैसला लिया है। अब व्यक्तिगत इंश्योरेंस पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आभार व्यक्तकरना चाहती हूं, जिन्होंने जीएसटी में सुधार करने की बात कही थी। जीएसटी में सुधार के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने समर्थन दिया। समय की मांग को ध्यान में रखकर वित्त मंत्रियों ने सपोर्ट किया, इसके लिए उनका भी धन्यवाद।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में ये सुधार आम आदमी को ध्यान में रखकर किए गए हैं। आम आदमी के दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर लगने वाले हर टैक्स की कड़ी समीक्षा की गई है और ज्यादातर मामलों में दरों में भारी कमी आई है। श्रम प्रधान उद्योगों को अच्छा समर्थन दिया गया है। किसानों और कृषि क्षेत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी लाभ होगा। अर्थव्यवस्था के प्रमुख चालकों को प्रमुखता दी जाएगी।

जीएसटी काउंसिल ने एक हजार रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड क्लेम के प्रोसेस में तेजी लाने को दी मंजूरी छोटे निर्यातकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से, जीएसटी परिषद ने 1,000 रुपए से कम के एक्सपोर्ट रिफंड दावों को तेजी से प्रोसेस करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से वर्तमान में करीब 1.5 लाख बकाया शिपिंग बिल क्लियर होने की उम्मीद है। काउंसिल ने कहा, “इस फैसले से उन छोटे एक्सपोर्ट्स के लिए निर्यात आसान हो जाएगा, जो कि कोरियर और पोस्टल माध्यम से निर्यात करते हैं। जीएसटी काउंसिल ने विशेष आर्थिक क्षेत्र डेवलपर या अधिकृत परिचालनों के लिए इकाई को माल या सेवाओं, या दोनों की शून्य-रेटेड आपूर्ति के कारण रिफंड दावों की सुविधा के लिए जोखिम-आधारित अनंतिम रिफंड को भी मंजूरी दी।

जिन उत्पादों पर सरकार की ओर से कर कम किया गया है। उनमें खाने-पीने के सामान, उर्वरक, फुटवेयर और टेक्सटाइल आदि आते हैं।
दुग्ध उत्पाद: अब अल्ट्र-हाई टेंपरेचर (यूएचटी) दूध टैक्स फ्री होगा, फिलहाल इस पर 5 प्रतिशत जीएसटी है। वहीं, कंडेंस्ड मिल्क, मक्खन, घी, पनीर और चीज आदि पर टैक्स को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।

खाद्य वस्तुओं: माल्ट, स्टार्च, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, बिस्कुट और यहां तक कि चॉकलेट और कोको उत्पादों पर कर की दर 12-18 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
ड्राईफ्रू्रट्स: बादाम, पिस्ता, हेजलनट, काजू और खजूर पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, अब केवल 5 प्रतिशत कर लगेगा।
चीनी उत्पाद: प्रोसेस्ड चीनी, चीनी सिरप, टॉफी और कैंडी जैसी मीठी वस्तुओं पर अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
पैकेज फूड्स: नमकीन, भुजिया, मिक्सचर और इसी तरह की खाने योग्य तैयार वस्तुएं (भुने हुए चने को छोडक़र), पहले से पैक और लेबल लगी हुई, पर कर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।
कृषि: उर्वरकों पर टैक्स को 12 और 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, बीज एवं फसल के लिए जरूरी पोषक तत्वों और ट्रैक्टर पर कर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

हेल्थकेयर: जीवन रक्षक दवाओं, स्वास्थ्य संबंधी उत्पादों और कुछ चिकित्सा उपकरणों पर कर की दर 12 प्रतिशत/18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत या शून्य कर दी गई है।
व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां, जिनमें फैमिली फ्लोटर भी शामिल है, जिन पर पहले 12 प्रतिशत कर लगता था, अब उन पर कोई कर नहीं लगेगा।
थर्मामीटर और ग्लूकोमीटर सहित नियमित उपयोग की जाने वाली अधिकांश चिकित्सा वस्तुएं 5 प्रतिशत कर दायरे में आएंगी।
कंज्यूमर गुड्स: एसी और टेलीविजन पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
जूते और कपड़ों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो गया है, जिससे बाजार में बिकने वाले उत्पादों की लागत कम हो गई है।
ऑटोमोबाइल: सरकार ने 1200 सीसी और 4 मीटर तक की पेट्रोल, पेट्रोल हाइब्रिड, एलपीजी और सीएनजी कारों पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
वहीं, 1500 सीसी और 4 मीटर तक की डीजल , डीजल हाइब्रिड कारों पर टैक्स को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके साथ ही 350 सीसी और उससे कम की मोटरसाइकिल, तिपहिया वाहन और ट्रांसपोर्ट व्हीकल्स पर टैक्स की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।



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