Thursday, July 16, 2026 |
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विभिन्न प्रकार की ईपीसी परियोजनाओं को विशेषज्ञता के साथ पूर्ण करने वाली प्रमुख कंपनी है ‘Current Infraproject Limited’

26 अगस्त को खुलकर 29 अगस्त 2025 को बंद होगा कंपनी का आईपीओ

by Business Remedies
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Current Infraproject Limited
  • 280 करोड रुपए की है ऑर्डर बुक
  • शानदार ट्रैक रिकॉर्ड वाली बीआरएलएम कंपनी होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है आईपीओ का प्रबंधन
  • अनुभवी और युवा प्रवर्तकों द्वारा संचालित है कंपनी
  • सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और जल इंजीनियरिंग सेवाओं के साथ सोलर ईपीसी में संलग्न है कंपनी
  • देश के विभिन्न राज्यों में सरकारी और निजी ईपीसी परियोजनाओं का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन कर रही है कंपनी

बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। जयपुर आधारित ‘करंट इंफ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड’ विभिन्न प्रकार की ईपीसी परियोजनाओं को विशेषज्ञता के साथ पूर्ण करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खान विद्यालय) आईआईटी (आईएसएम), धनबाद, झारखंड में रेस्को मॉडल के अंतर्गत 1800 किलोवाट का सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, करंट इंफ्रा धनबाद सोलर प्राइवेट लिमिटेड की इक्विटी में निवेश करने, कंपनी की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के वित्तपोषण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।

कारोबारी गतिविधियां: 2013 में स्थापित, करंट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (CIPL) एक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है जो सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और जल इंजीनियरिंग सेवाएँ प्रदान करती है।

कंपनी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) सेवाओं में विशेषज्ञता रखती है और सौर, विद्युत, जल और सिविल ईपीसी अनुबंधों में व्यापक समाधान प्रदान करती है, जिसमें आंतरिक कार्य और रोड़ फर्नीचर शामिल हैं। कंपनी मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग (एमईपी) प्रणालियों में विशिष्ट इंजीनियरिंग परामर्श और परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) सेवाएँ प्रदान करती है। कंपनी याहवी द फार्महाउस नामक एक फार्महाउस संपत्ति को पट्टे पर देकर आतिथ्य सेवाएँ भी प्रदान करती है। कंपनी भारत के 12 राज्यों में कार्यरत है। 31 जुलाई, 2025 तक, कंपनी ने कुल 23,209.06 लाख रुपये की परियोजनाएँ पूरी कर ली हैं। 31 जुलाई, 2025 तक, कंपनी में कुल १०८ कर्मचारी (जिसमे 10२ स्थायी कर्मचारी व ६ संविदा पर) कार्यरत थे। प्रवर्तकों के अनुसार कंपनी के पास 280 करोड़ रुपए के आर्डर हैं।

प्रवर्तकों का अनुभव

59 वर्षीय सुनील सिंह गंगवार कंपनी के प्रमोटर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने वर्ष 1988 में राजस्थान विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1991 में राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की और अक्टूबर 1991 में लोक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के रूप में चयनित हुए। राजस्थान सरकार के लोक निर्माण विभाग विभाग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राजस्थान विधानसभा और एसएमएस इंडोर स्टेडियम, जयपुर, राजस्थान के लिए यांत्रिक और विद्युत संबंधी कार्यों सहित विभिन्न प्रतिष्ठित परियोजनाओं को संभाला। इसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना का विकल्प चुना और जनवरी 2023 में अतिरिक्त मुख्य अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए। यांत्रिक और विद्युत क्षेत्र में अपने  32 वर्षों के अनुभव के साथ, वे 2024 में प्रबंध निदेशक के रूप में कंपनी में शामिल हुए। वे कंपनी के लिए रणनीति और नीति निर्माण का काम देखते हैं और सरकार के विभिन्न विभागों के साथ संपर्क बनाए रखे हुए हैं। उनकी जिम्मेदारियों में कंपनी की प्रक्रियाओं, बोली लगाना, निविदाएँ और योजनाएँ निपटान शामिल हैं।

57 वर्षीया सुजाता गंगवार कंपनी की प्रमोटर और गैर-कार्यकारी निदेशक हैं। उन्होंने 1987 में जोधपुर विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। मार्च 2025 में उन्हें गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में पुन: नियुक्तकिया गया है। उन्हें 14 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है।

31 वर्षीय देवव्रत सिंह कंपनी के प्रमोटर और पूर्णकालिक निदेशक हैं। उन्होंने क्वींसलैंड विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से इंजीनियरिंग में स्नातक (ऑनर्स) की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने जनवरी 2016 से दिसंबर 2016 तक ग्रेविटा इंडिया लिमिटेड में इंजीनियरिंग हेड के रूप में कार्य किया है। वे कंपनी के गठन के बाद से ही इससे जुड़े हुए हैं और मार्च 2025 में उन्हें पूर्णकालिक निदेशक के रूप में पुन: नियुक्त किया गया है और वे वर्तमान में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। उन्हें कंपनी में निदेशक के रूप में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें निर्माण प्रबंधन, परियोजना नियोजन और व्यवसाय विकास का अनुभव है।

28 वर्षीय सत्यव्रत सिंह कंपनी के प्रमोटर और पूर्णकालिक निदेशक हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे 2015 में कंपनी में शामिल हुए और मार्च 2025 में उन्हें पूर्णकालिक निदेशक के रूप में पुन: नियुक्त किया गया। उन्हें कंपनी में निदेशक के रूप में 10 वर्षों का अनुभव है। वे कंपनी के प्रशासन विभाग का कार्यभार संभालते हैं।

वित्तीय प्रदर्शन: स्टैंडलोन बैलेंस शीट के अनुसार वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 61.05 करोड़ रुपए का राजस्व और 1.49 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 77.72 करोड़ रुपए का राजस्व और 5.08 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 91.32 करोड़ रुपए का राजस्व और 9.45 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि साल दर साल कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन अच्छा होता जा रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 10.४० फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है।

आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘करंट इंफ्राप्रोजेक्ट लिमिटेड’ का आईपीओ एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर 26 अगस्त को खुलकर 29 अगस्त 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 52,25,600 शेयर 76 से 80 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 41.80 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। आईपीओ का मार्केट लॉट साइज 1600 शेयरों का है और रिटेल निवेशकों को कुल 2 लॉट के लिए आवेदन करना होगा। आईपीओ का प्रबंधन शानदार ट्रैक रिकॉर्ड वाली बीआरएलएम कंपनी होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। अभी तक होलानी कंसल्टेंट्स द्वारा 15 कंपनियों के आईपीओ का प्रबंधन किया गया है और इन सभी कंपनियों में निवेशकों ने अच्छा फायदा अर्जित किया है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।



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