Tuesday, July 14, 2026 |
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इलेक्ट्रोड और एमआईजी तारों सहित वेल्डिंग में काम आने वाली सामग्रियों के निर्माण क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है ‘Classic Electrodes (India) Limited’

22 अगस्त को खुलकर 26 अगस्त 2025 को बंद होगा कंपनी का आईपीओ

by Business Remedies
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जयपुर। कोलकाता, पश्चिम बंगाल आधारित क्लासिक इलेक्ट्रोड्स (इंडिया) लिमिटेड इलेक्ट्रोड और एमआईजी तारों सहित वेल्डिंग में काम आने वाली सामग्रियों के निर्माण क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा संयंत्र और मशीनरी खरीदने के लिए कंपनी के पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण, कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया उधारों के एक हिस्से का पुनर्भुगतान, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं का वित्तपोषण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।

कारोबारी गतिविधियां: 1997 में निगमित और कोलकाता, पश्चिम बंगाल में मुख्यालय वाली क्लासिक इलेक्ट्रोड्स (इंडिया) लिमिटेड एक प्रमुख भारतीय निर्माता है जो इलेक्ट्रोड और एमआईजी तारों सहित वेल्डिंग में काम आने वाली सामग्रियों में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी वेल्डिंग इलेक्ट्रोड बनाती है और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों को इंजीनियरिंग समाधान प्रदान करती है।
क्लासिक इलेक्ट्रोड्स विभिन्न औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन की गई वेल्डिंग उपभोग्य सामग्रियों की एक विविध श्रृंखला प्रदान करता है।

कंपनी की उत्पाद श्रृंखला में शामिल हैं:
माइल्ड स्टील इलेक्ट्रोड: यह सामान्य प्रयोजन वेल्डिंग कार्यों के लिए उपयुक्त है। स्टेनलेस स्टील इलेक्ट्रोड: यह संक्षारण-प्रतिरोधी वेल्डिंग अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन की गई है।कास्ट आयरन इलेक्ट्रोड: यह कास्ट आयरन कॉम्पोनेंट्स की मरम्मत के लिए आदर्श है। डीप पेनेट्रेशन इलेक्ट्रोड: यह भारी-भरकम वेल्डिंग आवश्यकताओं के लिए डिज़ाइन की गई है।

एमआईजी तार: यह धातु अक्रिय गैस वेल्डिंग प्रक्रियाओं में उपयोग की जाती है।

कंपनी की दो विनिर्माण इकाइयाँ हैं: यूनिट प्रथम धूलागढ़, पश्चिम बंगाल में और यूनिट द्वितीय झज्जर, हरियाणा में। प्रथम इकाई पश्चिम बंगाल में रणनीतिक रूप से स्थित हैं, जो कुशल उत्पाद वितरण, कच्चे माल की आपूर्ति और ग्राहकों तक पहुँच के लिए विभिन्न परिवहन साधनों तक पहुँच सुनिश्चित करती हैं।

 

वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 134.37 करोड़ रुपए का राजस्व और 1.49 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 151.13 करोड़ रुपए का राजस्व और 2.08 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 194.41 करोड़ रुपए का राजस्व और 12.30 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में 28 फरवरी 2025 तक कंपनी ने 187.90 करोड़ रुपए का राजस्व और 9.57 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि साल दर साल कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन अच्छा हो रहा है। वित्त वर्ष 2025 में 28 फरवरी 2025 तक कंपनी ने 5.10 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में 28 फरवरी 2025 तक कंपनी की असेट 116.34 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 43.60 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 30.41 करोड़ रुपए और कुल कर्ज 53.50 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात 1.23 गुना का है। इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी पर कर्ज अधिक नहीं है।

प्रवर्तकों का अनुभव:

56 वर्षीय हनुमान प्रसाद अग्रवाल कंपनी के प्रमोटर, अध्यक्ष और गैर-कार्यकारी निदेशक हैं। वर्ष 1997 में निगमन के समय उन्हें कंपनी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था और बाद में 20 मार्च, 2018 को निदेशक के रूप में नामित किया गया और वर्तमान में, 8 मार्च, 2024 से गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में पुनर्नामित किया गया है। वे वाणिज्य स्नातक हैं और उन्हें 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनकी व्यापक विशेषज्ञता समूह के भीतर विविध कार्यों के समग्र प्रबंधन को समाहित करती है, जो व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं की गहन समझ को प्रदर्शित करती है। एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में, वे संगठन के मार्ग को संचालित करने और उसकी वित्तीय भलाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वित्तीय जटिलताओं पर गहरी नज़र रखने वाले हनुमान प्रसाद अग्रवाल समूह की वित्तीय आवश्यकताओं का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करते हैं और कंपनी के निरंतर विकास और सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे कृतिका वायर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्यरत हैं।

कंपनी प्रवर्तक नरेश कुमार अग्रवाल ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें व्यापार और विनिर्माण क्षेत्र, विशेष रूप से वेल्डिंग इलेक्ट्रोड और स्टील वायर उत्पादन में 27 वर्षों का अनुभव है।

 

 

58 वर्षीय सुशील कुमार अग्रवाल कंपनी के प्रमोटर और प्रबंध निदेशक हैं। उन्हें 18 जुलाई, 2010 से कंपनी का निदेशक नियुक्त किया गया है। वे वाणिज्य स्नातक हैं और उनके पास 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति हैं। नई दिल्ली में कार्यरत, वे हरियाणा में विनिर्माण, वित्त और समग्र संचालन की देखरेख की ज़िम्मेदारी निभाते हैं। उनका नेतृत्व और अनुभव संगठन को परिचालन उत्कृष्टता और वित्तीय स्थिरता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण रहा है। उनकी बहुमुखी भूमिका विविध कार्यों के उनके कुशल प्रबंधन को रेखांकित करती है, जो क्षेत्र में संचालन की सफलता और दक्षता में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

30 वर्षीय आयुष अग्रवाल 23 मई, 2018 से कंपनी के निदेशक हैं। उन्होंने एडिनबर्ग नेपियर विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। उनके पास 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे अपने पिता सुशील कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में हरियाणा फैक्ट्री का संचालन देखते हैं।

 

 

 

आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘क्लासिक इलेक्ट्रोड्स (इंडिया) लिमिटेड’ का आईपीओ एनएसई इमर्ज पर 22 अगस्त को खुलकर 26 अगस्त 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 47,71,200 शेयर 82 रुपए से 87 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 41.50 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।



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