पुणे, 18 अगस्त 2025: किर्लोकर ऑयल इंजिन्स लिमिटेड (KOEL) ने अपनी अभूतपूर्व इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल इंजन तकनीक का अनावरण किया। जेनसेट के लिए यह दुनिया की अपनी तरह की पहली तकनीक है, जिसका मूल्यांकन एआरएआई द्वारा किया गया है। इस लॉन्च को माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा हरी झंडी दिखाई गई, जिसने भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता और पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में सरकार के वैकल्पिक ईंधन समाधानों पर जोर को रेखांकित किया।
किर्लोस्कर ऑयल इंजिन्स के सीईओ, राहुल सहाई ने कहा, “यह नवाचार सभी के लिए स्वच्छ, टिकाऊ ऊर्जा प्रदान करने के हमारे दृष्टिकोण को पुष्ट करता है। इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल इंजनों के साथ, हम न केवल वैकल्पिक ईंधनों को अपना रहे हैं, बल्कि देश के ऊर्जा विविधीकरण और पर्यावरणीय लक्ष्यों में भी योगदान दे रहे हैं।“
नए इंजनों में उन्नत दहन तकनीक है जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को काफी कम करती है। इनमें इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल जैसे नवीकरणीय जैव ईंधनों के साथ अनुकूलता है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है। इन्हें विविध औद्योगिक और वाणिज्यिक अनुप्रयोगों के लिए मजबूत प्रदर्शन देने हेतु डिज़ाइन किया गया है। टिकाऊ उत्पादन प्रथाओं और अनुकूलित संसाधन उपयोग के माध्यम से स्थायी विनिर्माण हासिल किया गया है।

