बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। मध्य प्रदेश के धार आधारित ‘सवालिया फूड्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड’डिहाइड्रेटेड सब्जियों के विनिर्माण और प्रसंस्करण में संलग्न प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा नई मशीनरी की खरीद और स्थापित मौजूदा मशीनरी के उन्नयन, मौजूदा विनिर्माण इकाई में 149.04 किलोवाट पावर की क्षमता वाली ऑन-ग्रिड रूफटॉप सौर पीवी प्रणाली की स्थापना हेतु पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं के वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं का वित्तपोषण, कंपनी द्वारा लिए गए कुछ उधारों का आंशिक या पूर्ण पुनर्भुगतान और/या पूर्व-भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: सवालिया फूड्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड की स्थापना 2014 में हुई थी और यह डिहाइड्रेटेड सब्जियों के विनिर्माण और प्रसंस्करण में संलग्न है तथा संस्थागत निर्माताओं, व्यापारियों और अंतर्राष्ट्रीय आयातकों को सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी मध्य प्रदेश के धार जिले में एक विनिर्माण इकाई संचालित करती है, जिसकी उत्पादन क्षमता सभी डिहाइड्रेटेड उत्पादों के लिए लगभग 1500 मीट्रिक टन है, जो दो संयंत्रों में विभाजित है। कंपनी के उत्पादों को संयुक्त राज्य अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) से अनुमोदन प्राप्त है, जो अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है। कंपनी के प्राथमिक उत्पादों में गाजर, पत्तागोभी और रिंग बीन्स जैसी डिहाइड्रेटेड सब्जियाँ शामिल हैं, जिनका उपयोग नूडल्स, पास्ता और सूप जैसे एफएमसीजी उत्पादों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है। कंपनी अपने कच्चे माल, मुख्यत: गाजर, को सीधे आस-पास के किसानों से प्राप्त करती है, जिससे लागत प्रभावी खरीद संभव होती है और लॉजिस्टिक्स लागत कम होती है। कंपनी के पास विविध ग्राहक पोर्टफोलियो है, जिसमें संस्थागत निर्माता, घरेलू और विदेशी व्यापारी और संयुक्त राज्य अमेरिका तथा एशिया जैसे बाजारों में अंतर्राष्ट्रीय ग्राहक शामिल हैं। कंपनी अपने विनिर्माण स्थल पर सौर ऊर्जा संयंत्रों में निवेश करने पर विचार कर रही है, जिससे कंपनी के संचालन में लागत दक्षता और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
इंडस्ट्री डायनामिक्स: भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग अभी भी अपने प्रारंभिक चरण में है, और कुल खाद्य उत्पादन में इसका योगदान 10 फीसदी से भी कम है। 2020-21 में भारत में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर पर डेलॉइट के एक अध्ययन के अनुसार, प्रसंस्करण स्तर सब्जियों के लिए 2.7 फीसदी, फलों के लिए 4.5 फीसदी, मत्स्य पालन के लिए 15.4 फीसदी, दूध के लिए 21.1 फीसदी और मांस के लिए 34.2 फीसदी था। भारत दुनिया की वैश्विक रासायनिक बिक्री का 2.5 फीसदी हिस्सा रखता है और 175 से अधिक देशों को निर्यात करता है। भारत का खाद्य और किराना बाजार दुनिया का छठा सबसे बड़ा बाजार है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग इस खाद्य बाजार में 32 फीसदी का योगदान देता है और देश के सबसे बड़े उद्योगों में से एक है, जो कुल निर्यात में 13 फीसदी और औद्योगिक निवेश में 6 फीसदी का योगदान देता है। भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का बाजार आकार 2022 में 866 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढक़र 2027 में 1,274 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। भारत का कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात 2022-23 में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है, जो समग्र कृषि-खाद्य निर्यात का 22.6 फीसदी है। पंजीकृत कारखाना क्षेत्र के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगभग 1.93 मिलियन लोगों को रोजगार देता है। अपंजीकृत क्षेत्र में भी लगभग 5.1 मिलियन कर्मचारी कार्यरत हैं। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है।
प्रवर्तकों का अनुभव
34 वर्षीय राघव सोमानी कंपनी के प्रमोटरों, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशकों में से एक हैं। उन्होंने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बेलगाम से इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें व्यवसाय विकास, सूखी सब्जियों के उत्पादन और प्रसंस्करण तथा विपणन प्रबंधन में लगभग एक दशक का अनुभव है। वर्तमान में, वे कंपनी के विपणन, उत्पादन और व्यवसाय विकास विभाग के प्रमुख हैं और कंपनी के गठन के समय से ही इससे जुड़े हुए हैं।
34 वर्षीया प्रिया सोमानी कंपनी की प्रमोटरों और पूर्णकालिक निदेशकों में से एक हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय से व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में, वे खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता प्रभाग की प्रमुख हैं और कंपनी की उत्पादन इकाई की समग्र स्वच्छता का ध्यान रखती हैं। उन्हें खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता प्रबंधन में चार वर्षों का अनुभव है। वे 25 मई, 2020 से एक गुणवत्ता कार्यकारी के रूप में कंपनी से जुड़ी हुई हैं और 22 जुलाई, 2024 से उन्हें पूर्णकालिक निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया है।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 15.08 करोड़ रुपए का परिचालन राजस्व और 0.59 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 23.39 करोड़ रुपए का परिचालन राजस्व और 3.11 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 34.18 करोड़ रुपए का परिचालन राजस्व और 6.94 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने करीब 20 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में तक कंपनी की असेट 46.26 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 12.65 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 5.33 करोड़ रुपए और कुल कर्ज 22.49 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘सवालिया फूड्स प्रोडक्ट्स लिमिटेड’का आईपीओ एनएसई इमर्ज 7 अगस्त को खुलकर 11 अगस्त 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 29,02,800 शेयर 114 रुपए से 120 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 34.83 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। इनमें कंपनी के शेयर धारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल के जरिए 3,00,000 शेयर जारी कर 3.60 करोड़ रुपए हासिल किए जाएंगे। आईपीओ का मार्केट लॉट साइज 1200 शेयरों का है। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी यूनिस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

