Sunday, October 11, 2026 |
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फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत और ब्रिटेन की अर्थव्यवस्थाओं को मिलेगा फायदा

by Business Remedies
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भारत और ब्रिटेन के बीच आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो ही गया, जिसका फायदा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मिलेगा। पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से संरक्षणवाद बढ़ा है, उसमें ऐसे व्यापार समझौतों की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
भारत और ब्रिटेन के बीच पुराने व्यापारिक रिश्तों के बावजूद 2023-24 में केवल 21.34 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था। अर्थव्यवस्था के आकार को देखते हुए यह आंकड़ा बहुत कम है। माना जा रहा है कि ट्रेड डील से सालाना व्यापार 34 बिलियन डॉलर तक बढ़ जाएगा। दोनों देश साल 2030 तक इसे 120 बिलियन डॉलर की ऊंचाई पर पहुंचाना चाहते हैं।
भारत के लिहाज से यह डील बेहद अहम है, इससे करीब 99त्न निर्यात यानी यहां से ब्रिटेन जाने वाली चीजों पर टैरिफ से राहत मिलेगी। इसी तरह ब्रिटेन से आनी वाली चीजें भारत में सस्ती मिल सकेंगी। डील से एक बड़ा फायदा होगा टेक्सटाइल्स, लेदर और इलेक्ट्रॉनिक्स को है। इनसे मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। अभी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की हिस्सेदारी केवल 2.8त्न है, जबकि चीन की 28.8त्न। इसी तरह, देश की त्रष्ठक्क में मैन्युफैक्चरिंग का योगदान 17त्न है और सरकार इसे 25त्न तक बढ़ाना चाहती है। इस तरह की डील से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तर पर प्रदर्शन में सुधार होगा।
साल 2014 के बाद से भारत ने मॉरिशस, ्रश्व, ऑस्ट्रेलिया और श्वस्नञ्ज्र के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है। यूरोप से बातचीत जारी है, जिसे जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाया जाना चाहिए। इकॉनमी के मोर्चे पर आने वाली चुनौतियों से निपटने में ऐसी डील सहायक होती हैं। इस बीच, अगर भारत की अमेरिका के साथ अच्छी व्यापार डील होती है तो उससे भी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की ओर कदम बढ़ेंगे।



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