बिजऩेस रेमेडीज/जयपुरजयपुर स्थित अग्रणी स्वास्थ्य प्रबंधन शोध विश्वविद्यालय IIHMR UNIVERSITY ने शैक्षणिक सत्र 2025-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्थान ने इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम्स में आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया है। ये प्रोग्राम हैं :
मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ।
मास्टर ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन।
एमबीए (CSR और ESG प्रबंधन)।
एमबीए (सस्टेनेबल बिजनेस मैनेजमेंट)।
एमबीए (फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट)।
इन कार्यक्रमों में आवेदन
करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर है।
ये दो वर्षीय एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम विशेष रूप से मिड-से सीनियर स्तर के पेशेवरों के लिए बनाए गए हैं, जो रणनीतिक शिक्षा के माध्यम से अपने करियर को नई ऊँचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। ये सभी कार्यक्रम उद्योगों के लिए प्रासंगिक और जरूरी पाठ्यक्रमों के साथ तैयार किए गए हैं ताकि प्रतिभागियों को अपस्किल करने और करियर में तेज़ी से आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।
ये प्रोग्राम ब्लेंडेड लर्निंग फॉर्मेट (ऑनलाइन और ऑफलाइन का संयोजन) में संचालित होते हैं, जिनमें अत्याधुनिक अकादमिक सामग्री के साथ वास्तविक दुनिया में उपयोग की जाने वाली जानकारी दी जाती है। इन्हें प्रतिष्ठित फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा पढ़ाया जाता है।
IIHMR UNIVERSITY के प्रेसिडेंट डॉ. पी.आर. सोडानी ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र आज राजस्व और रोजगार – दोनों ही दृष्टिकोणों से सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक बन चुका है। हमारे एक्जीक्यूटिव प्रोग्राम्स इस क्षेत्र की विकसित होती आवश्यकताओं के साथ-साथ विद्यार्थियों की आकांक्षाओं के अनुरूप डिज़ाइन किए गए हैं। 40 वर्षों की विरासत के साथ, आईआईएचएमआर आपके करियर को आगे बढ़ाने में एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। हमारे प्रोग्राम्स हेल्थकेयर, श्वस्त्र, सस्टेनेबिलिटी और फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट जैसे ट्रेंडिंग क्षेत्रों के अनुसार निर्मित हैं, जो पेशेवरों को बदलते समय के साथ सामंजस्य बिठाने और अपने संगठनों एवं समाज में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए सक्षम बनाते हैं।
पात्रता मानदंड : किसी भी विषय में स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार जिन्होंने कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या उससे अधिक अंक (SC/ST/OBC-NC/EWS/PwD के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत) प्राप्त किए हों, वे इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यदि किसी उम्मीदवार ने स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और उसमें न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हैं, तो स्नातक डिग्री में न्यूनतम अंकों की शर्त नहीं लागू होगी।




