Friday, July 3, 2026 |
Home AutomobileDGT और Shell India ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए Green-Skill पर आधारित EV Traning programe लॉन्च किया

DGT और Shell India ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए Green-Skill पर आधारित EV Traning programe लॉन्च किया

by Business Remedies
0 comments

बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली  कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के तहत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने Shell India के सहयोग से एक ग्रीन स्किल्स औरElectric Vehicle (EV) ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य छात्रों एवं फैकल्टी को ग्रीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी में भविष्य के लिए तैयार करना है। दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक के चुनिंदा ओद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) एवं राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) में शेल के ट्रेनिंग पार्टनर एड्युनेट फाउन्डेशन द्वारा इस पहल को अंजाम दिया जाएगा।
DGT एवं Shell India की साझेदारी में यह ग्रीन स्किल प्रशिक्षण चुनिंदा NSTI और ITI में संरचित बहु-स्तरीय मॉडल के जरिए दिया जाएगा। इस प्रोग्राम के पहले चरण में 4 एनएसटीआई में 240 घण्टे का अडवान्स्ड ईवी टेकनिशियन कोर्स, शेल के सहयोग से संचालित प्रयोगशाला से युक्त 12 आईटीआई में 90 घण्टे का जॉब-ओरिएन्टेड ईवी स्किल कोर्स तथा बिना फिजिकल लैब वाले अतिरिक्त आईटीआई संस्थानों में 50 घण्टे का फाउन्डेशनल ग्रीन स्किल मोड्युल शामिल है। प्रोग्राम का पाठ्यक्रम शेल, एड्युनेट फाउन्डेशन एवं डीजीटी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है, जो ईवी सिस्टम, डायग्नॉस्टिक्स, बैटरी टेक्नोलॉजी, डिजिटल टूल्स एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल्स को कवर करता है। इस पहल में 250 प्रशिक्षकों के लिए ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी), शेल एवं डीजीटी द्वारा को-ब्राण्डेड सर्टिफिकेशन तथा प्लेसमेन्ट के लिए सहयोग शामिल है।
चुनिंदा ITI एवं NSTI में विशिष्ट ईवी स्किल लैब्स की स्थापना इस पहल का मुख्य आकर्षण है। ये लैब्स इस तरह से डिजाइन की गई हैं कि ये विशेषज्ञों के नेतृत्व में आयोजित सत्रों के माध्यम से उम्मीदवारों को उद्योग जगत के मानकों के अनुरूप व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। लैब के दायरे से बढक़र यह प्रोग्राम सफल प्रतिभागियों को को-ब्रांडेड सर्टिफिकशन और प्लेसमेन्ट में सहयोग भी प्रदान करता है। इस तरह ग्रीन एनर्जी एवं ईवी सेक्टरों में युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ती है। व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए देश के सर्वोच्च संगठन होने के नाते प्रशिक्षण महानिदेशालय इस पहल में महत्वपूर्ण  भूमिका निभाएगा।
इस पहल के महत्व पर बात करते हुए जयंत चौधरी, माननीय राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार), MSDE और राज्य शिक्षा मंत्री ने कहा कि शेल इंडिया के साथ हमारी साझेदारी कौशल को स्थायित्व के अनुरूप बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एवं बड़े पैमाने पर जलवायु नियन्त्रण न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी हैं बल्कि इनोवेशन, प्रतिभा एवं उद्यमों के माध्यम से भारत के लिए अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। इस पहल के द्वारा हम युवाओं को नौकरियों के साथ-साथ जलवायु के लिए भी तैयार करना चाहते हैं। हम भारतीय युवाओं को ऐसा कौशल प्रदान करना चाहते हैं ताकि वे ग्लोबल ग्रीन इकोनोमी में योगदान दे सकें।’
त्रिशालजीत सेठी, महानिदेशक, प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), एमएसडीई ने कहा कि शेल इंडिया के साथ यह साझेदारी हमारे आईटीआई एवं एनएसटीआई संस्थानों में आधुनिक प्रशिक्षण एवं उद्योग जगत के अनुकूल पाठ्यक्रम को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी को व्यवसायिक प्रशिक्षण में शामिल कर हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारे छात्रों को वास्तविक दुनिया की जरूरतों के अनुसार व्यवहारिक अनुभव प्रदान किया जाए। जॉइंट सर्टिफिकेशन, ट्रेनर अपस्किलिंग एवं प्लेसमेन्ट सपोर्ट के साथ यह प्रोग्राम ग्रीन मोबिलिटी सेक्टर में हमारे युवाओं की क्षमता बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाएगा।’
इस साझेदारी पर मानसी मदान त्रिपाठी, चेयरपर्सन, Shell Group ऑफ कंपनीज, भारत तथा सीनियर वाईस पे्रजीडेन्ट, शेल लुब्रिकेन्ट्स, एशिया-पेसिफिक ने कहा कि शेल में हमारा उद्देश्य स्थानीय समुदायों को रोजगार के भावी अवसरों के साथ सशक्त बनाना है। युवाओं को ग्रीन एनर्जी स्किल में प्रशिक्षित करना कम-कार्बन के भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डीजीटी और एड्युनेट फाउन्डेशन के साथ साझेदारी के द्वारा हम छात्रों को ग्रीन एनर्जी एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। यह पहल युवाओं को एनर्जी के बदलते परिवेश के बीच विकसित होने तथा देश के शुद्ध-शून्य लक्ष्यों में योगदान देने के लिए सक्षम बनाती है।’ डीजीटी एवं शेल इंडिया के बीच यह साझेदारी देश के युवाओं को भावी ग्रीन इकोनोमी में करियर बनाने के लिए तैयार करेगी। व्यापक पाठ्यक्रम, विशेष लैब्स एवं ओद्यौगिक सहयोग के साथ यह उन्हें व्यवहारिक कौशल और सर्टिफिकेट भी देगी। उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाकर उन्हें स्थायी एवं इनोवेशन-उन्मुख भविष्य की ओर बढऩे में मदद करेगी।



You may also like

Leave a Comment