नई दिल्ली,
दूरसंचार क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के अधीन स्वायत्त अनुसंधान संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने ‘समर्थ’ incubation programme के दूसरे चरण के लिए आयोजित Demo Day का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 18 startups ने अपनी तकनीकी प्रगति और नवाचारों का प्रदर्शन किया, जिन्हें उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों ने काफी सराहा। यह ‘समर्थ’ incubation programme दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के startups को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया है। इस programme को दो चरणों में विभाजित किया गया था, जिनमें प्रत्येक की अवधि छह महीने रखी गई। हर चरण में अधिकतम 18 startups को शामिल किया गया, जिससे कुल 36 startups को नवाचार आधारित समस्याओं पर काम करने का अवसर मिला। इन startups ने दूरसंचार अनुप्रयोग, साइबर सुरक्षा, 5G और 6G तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और क्वांटम तकनीक जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में समाधान विकसित करने पर कार्य किया। कार्यक्रम के संचालन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स को कार्यान्वयन भागीदार के रूप में जोड़ा गया।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस programme के अंतर्गत चयनित प्रत्येक startup को पाँच लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके साथ ही उन्हें पूर्ण रूप से सुसज्जित कार्यालय स्थान तथा दिल्ली और बेंगलुरु स्थित सी-डॉट परिसरों में अत्याधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं तक पहुंच भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम की एक विशेषता यह रही कि startups को सी-डॉट के वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उद्योग जगत के वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें उत्पाद विकास प्रक्रिया, न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद तैयार करना, वित्तीय प्रबंधन, बाजार में उत्पाद उतारने की रणनीति, कानूनी पहलू, बौद्धिक संपदा अधिकार, निवेश प्रस्तुति और धन जुटाने जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
सी-डॉट, दूरसंचार विभाग के अंतर्गत कार्य करने वाली एक स्वायत्त अनुसंधान एवं विकास संस्था है, जो देश में दूरसंचार प्रौद्योगिकी के विकास और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे पहले cohort-I के अंतर्गत चयनित 18 startups ने September 2025 में आयोजित Demo Day के दौरान उल्लेखनीय परिणाम प्रस्तुत किए थे। उनके प्रदर्शन के आधार पर पाँच प्रमुख startups — टर्टलनेक सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस, पूर्वांचल इंजीनियरिंग सिस्टम्स, वाइटल कार्बन, एग्रीवर्स इनोवेशंस और जंप्स ऑटोमेशन — को दूसरे चरण की अनुदान सहायता के लिए चुना गया।
इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए July 2025 में cohort-II की शुरुआत की गई। इस चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, लाइ-फाई तकनीक, सुरक्षा समाधान और ड्रोन तकनीक से जुड़ी विशेष समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान cohort-II से जुड़े सभी नवाचारकर्ताओं ने अपनी तकनीकी उपलब्धियों और नए समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मौजूद उद्योग विशेषज्ञों और निवेशकों ने इन startups की प्रगति और संभावनाओं की सराहना की तथा इसे भारत के तकनीकी नवाचार क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

