Sunday, July 19, 2026 |
Home EditorialReal Estate Sector स्थिर और टिकाऊ विकास के चरण में करता प्रवेश

Real Estate Sector स्थिर और टिकाऊ विकास के चरण में करता प्रवेश

by Business Remedies
0 comments

कोरोना महामारी के दौरान रियल एस्टेट का मार्केट पूरा धीमा पड़ गया था, लेकिन उसके बाद से धीरे-धीरे मार्केट उठा है। अब रियल एस्टेट बाजार ने धीरे-धीरे गति पकड़ना प्रारंभ कर दिया है। भारत का रियल एस्टेट सेक्टर वर्ष 2026 में मजबूत स्थिति में है, लेकिन यह तेज उछाल से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास के चरण में प्रवेश कर चुका है। महामारी के बाद जो वृद्धि हुई थी, अब उसकी जगह वास्तविक मांग और संस्थागत निवेश ने ले ली है।

वर्तमान स्थिति में देखें तो आवासीय रियल एस्टेट में मांग बनी हुई है, विशेषकर मिड-सेगमेंट और प्रीमियम घरों में। बड़े शहरों Delhi-NCR, Bengaluru, Mumbai, Pune, Hyderabad में संपत्तियों की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। कई प्रमुख शहरों में पिछले वर्ष की तुलना में 8-20 फीसदी तक कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रियल एस्टेट में वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से इस क्षेत्र में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। वहीं AI, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के कारण डेटा सेंटर रियल एस्टेट सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्रों में है। IT कंपनियों, GCCs और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विस्तार से उच्च गुणवत्ता वाले ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत बनी हुई है।

उच्च आय वर्ग, NRI निवेश और बेहतर जीवनशैली की मांग के कारण इस श्रेणी में तेज वृद्धि हो रही है। इसके अलावा घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जहां इस वर्ष के प्रारंभ में ही पहली छमाही में संस्थागत निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। निजी इक्विटी निवेश में लगभग 33 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

आने वाले समय में भारतीय रियल एस्टेट की स्थिति बेहद मजबूत रहने का अनुमान है। भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार से प्रेरित होकर बाजार के वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रमुख महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट गतिविधियों का तेजी से विस्तार होगा, जिसे RERA जैसे कानूनों से और पारदर्शिता मिलेगी।



You may also like

Leave a Comment