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सिंघानिया क्वेस्ट+ ने शुरू किया ‘गो कोडरज़’, भारत की स्कूलों के लिए पहली और सबसे बड़ी नेशनल कोडिंग प्रतियोगिता

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
सिंघानिया क्वेस्ट+ ने वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (लंदन, यूके) के साथ मिलकर भारत की पहली और सबसे बड़ी राष्ट्रीय कोडिंग प्रतियोगिता ‘गो कोडरज़’ के शुभारंभ की घोषणा की। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में छात्रों के उल्लेखनीय कौशल को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से चलाई जाने वाली यह अपनी तरह की पहली कोडिंग प्रतियोगिता है। देश भर के स्कूल अपने तीसरी से दसवीं कक्षा के छात्रों को तीन महीने चलने वाली प्रतियोगिता में पंजीकृत कर सकते हैं। पूरे भारत में युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया है। पंजीकृत छात्रों को प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले नि:शुल्क कोडिंग मास्टरक्लास भी दिया जाएगा। प्रतियोगिता के आखिर में, विजेताओं को 1 लाख मूल्य की गौतम सिंघानिया कोडिंग स्कॉलरशिप सहित कई पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सिंघानिया क्वेस्ट+ से जानकारी दी गयी है कि उन्हें पहले ही 10+ राज्यों से 15,000+ एन्ट्रीज मिल चुकी हैं। पंजीकरण की अंतिम तारीख – 15 अगस्त 2024 तक 25+ शहरों के 100+ स्कूलों से 50,000+ एन्ट्रीज आने की उम्मीद है।
शिक्षा प्रौद्योगिकी में कार्यरत इस फर्म ने यह भी कहा है कि, यह पहल केंद्र सरकार की नयी शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप है, जिसमें कोडिंग को स्कूली पाठ्यक्रम का एक अभिन्न हिस्सा बताते हुए, 6वीं कक्षा से आगे के छात्रों के लिए कोडिंग पर कक्षाएं शुरू करने की सिफारिश की गयी है। इस पर आगे टिप्पणी करते हुए, सिंघानिया क्वेस्ट+ के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर डॉ. ब्रिजेश करिया ने कहा कि पारंपरिक शिक्षा पद्धतियों में बदलाव आ रहे हैं। नयी शिक्षा नीति का शुभारंभ इसका स्पष्ट संकेत है। हमारी पहल ‘गो कोडरज़’ को पारंपरिक पद्धतियों से अलग हटकर एनईपी नीति के अनुरूप सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किया गया है और उन युवा छात्रों को प्रोत्साहन प्रदान किया गया है जो कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में आगे बढऩा चाहते हैं।
इस पहल में प्रतिभागियों की समस्या-समाधान क्षमताओं, तार्किक सोच, कोडिंग अवधारणाओं, एल्गोरिथमिक सोच और प्रोग्रामिंग कौशल को परखने के लिए कोडिंग चुनौतियों के दो राउंड्स होंगे। पहले राउंड में, छात्र अपने ग्रुप में कोडिंग प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे और सिंघानिया क्वेस्ट+ पोर्टल पर अपना काम जमा करेंगे। परिणाम तुरंत घोषित किए जाएंगे, और सभी प्रतिभागियों को डिजिटल पार्टिसिपेशन प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। पार्टिसिपेशन लेवल के आधार पर, प्रतिभागियों के स्कूलों को भी एंगेजमेंट पुरस्कार दिए जाएंगे। पहले राउंड से, हर स्कूल के सबसे अव्वल 25 प्रतिशत छात्र अगले राउंड में आगे बढ़ेंगे। इन शीर्ष 25 प्रतिशत छात्रों को फिर ग्रुप-वाइज कोडिंग प्रोजेक्ट्स के अपने दूसरे राउंड में मदद करने के लिए विशेष ऑनलाइन मास्टरक्लास चलाए जाएंगे। इस प्रतियोगिता के आखिर में, सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को स्कॉलरशिप और पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। 1 लाख की प्रतिष्ठित गौतम सिंघानिया कोडिंग स्कॉलरशिप भी इसमें शामिल है। इच्छुक स्कूल इस प्रतियोगिता के लिए कक्षा 3 से 10 में पढऩे वाले अपने छात्रों को पंजीकृत करा सकते हैं।

 



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