Mumbai,
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को stock market update में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। व्यापक बिकवाली के दबाव के बीच Sensex और Nifty दोनों शुरुआती कारोबार में नीचे रहे, हालांकि घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। सुबह करीब 9.20 बजे Sensex 346 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,903 पर कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 113 अंक यानी 0.44 प्रतिशत फिसलकर 25,383 पर पहुंच गया। प्रमुख सूचकांकों के अनुरूप व्यापक सूचकांकों में भी कमजोरी रही। Nifty Midcap 100 में 0.30 प्रतिशत और Nifty Smallcap 100 में 0.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें तो अधिकांश सूचकांक लाल निशान में रहे। केवल Nifty IT में 1.56 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र में 0.34 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। इसके विपरीत Nifty FMCG और वाहन क्षेत्र में क्रमशः 0.59 प्रतिशत और 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निवेशकों की धारणा सतर्क बनी हुई है। वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों में कमजोरी का असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों पर भी पड़ सकता है। फरवरी माह में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी चिंताओं के कारण इस क्षेत्र में पहले ही 20 प्रतिशत से अधिक का सुधार देखा जा चुका है।
तकनीकी स्तर पर Nifty के लिए 25,600 से 25,650 के बीच तात्कालिक प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है, जबकि 25,300 से 25,350 के दायरे में मजबूत समर्थन देखा जा रहा है। Bank Nifty के लिए 61,400 से 61,500 का स्तर प्रतिरोध के रूप में और 60,800 से 60,900 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में चिन्हित किया गया है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। चीन का शंघाई सूचकांक 0.17 प्रतिशत गिरा और शेनझेन में 0.68 प्रतिशत की कमजोरी रही। जापान का निक्केई 0.24 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग सूचकांक में 0.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.77 प्रतिशत फिसला।
अमेरिकी बाजारों में भी पिछला सत्र दबाव में बंद हुआ। Nasdaq में 1.18 प्रतिशत और S&P 500 में 0.54 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि Dow Jones में 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई। 26 Feb को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,466 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,032 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला।

