नई दिल्ली, जनवरी, 2026: Sampark Foundation ने Uttar Pradesh, Rajasthan, Uttarakhand, Maharashtra, Jharkhand, Himachal Pradesh, Haryana और Chhattisgarh के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए 25 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब फाउंडेशन सार्वजनिक शिक्षा में नवाचार और प्रभाव के 20 वर्ष पूरे कर रहा है।
इस विस्तार योजना के तहत, Sampark Foundation आठों राज्यों में 20,000 अतिरिक्त स्मार्ट स्कूलों को सहयोग देगा। यह पहल National Education Policy (NEP) के डिजिटल रूप से सशक्त कक्षाओं के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इसके अंतर्गत, जिन सरकारी स्कूलों में पहले से smart TV या smart board मौजूद हैं या प्रस्तावित हैं, वहां Sampark TV निःशुल्क लगाया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों को कक्षा में प्रभावी उपयोग के लिए structured training भी दिया जाएगा।
इस विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा AI आधारित real-time classroom monitoring और governance platform की शुरुआत है, जिसे लगभग 80,000 सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर के शिक्षा अधिकारियों को teaching data track करने, कक्षा में बच्चों की भागीदारी पर नजर रखने और learning outcomes का पूर्वानुमान लगाने में मदद करेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था में data-driven decision making, transparency और accountability को मजबूती मिलेगी। अपनी तरह का यह पहला अनूठा प्लेटफॉर्म सभी संबंधित स्कूलों में पूरी तरह निःशुल्क लागू किया जाएगा।
आठों राज्य सरकारों को औपचारिक रूप से Letter of Intent भेजे जा चुके हैं, जो technology-based और student-centric education को बड़े स्तर पर लागू करने की दिशा में अगले चरण की साझेदारी को दर्शाता है। इस अवसर पर Sampark Foundation के Founder और Chairman Shri Vineet Nayar ने कहा,
“बीस साल पहले Sampark Foundation की शुरुआत एक सरल सोच के साथ हुई थी और वह थी—हर बच्चे को, चाहे वह कहीं से भी हो, ऐसा learning experience मिलना चाहिए जो उसकी curiosity को जगाए। राज्य सरकारों के साथ साझेदारी को और गहरा करते हुए हमारा लक्ष्य ऐसे classrooms बनाना है, जहां learning outcomes सार्थक और टिकाऊ रूप से बेहतर हों।”
वहीं Sampark Foundation के President और NITI Aayog के former Special Secretary Dr K Rajeshwar Rao ने कहा,
“सरकारी शिक्षा का भविष्य data, technology और governance के smart उपयोग में है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म शिक्षा नेतृत्व को तेजी से निर्णय लेने, बेहतर planning करने और classroom level पर accountability सुनिश्चित करने में सक्षम बनाएगा। यह पहल सरकारी स्कूल व्यवस्था में data-driven decision process को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
इसके अतिरिक्त, Sampark Foundation मार्च 2026 में आठों राज्यों में state-level AI Education Conclave का आयोजन करेगा। ‘शिक्षा में AI क्रांति’ विषय पर आधारित इन सम्मेलनों में policy makers, educationists और global experts भाग लेंगे, ताकि technology-based education के भविष्य पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाया जा सके।
भारत भर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और हर बच्चे में सीखने के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध Sampark Foundation, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करता है। अपने प्रमुख Sampark Smart Shala Programme के माध्यम से फाउंडेशन अब तक 1.8 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंच बना चुका है, 1.4 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों में कार्य कर चुका है, 8.5 लाख से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुका है और देशभर में 40,000 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना कर चुका है, जिससे teaching और learning experience बेहतर हुआ है। पिछले दो दशकों में, एक छोटे से विचार के रूप में शुरू हुई यह पहल आज दुनिया के सबसे बड़े education movements में से एक बन चुकी है, जिसे Harvard Case Study के रूप में दर्ज किया गया है और large-scale education innovation में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है।




