एसोसिएशन के पदाधिकारियों व उद्योगपतियों से जानी राय
बिजनेस रेमेडीज/ जयपुर। भारत में तीसरी बार एनडीए गठबंधन की सरकार बन गई है। केंद्रीय मंत्रीमंडल का गठन भी पिछले दिनों हो चुका है और मंत्रियों को विभाग भी बांट दिए गए है। वहीं राज्य में भाजपा की सरकार बनी है, ऐसे में पहले उप मुख्यमंत्री दियाकुमारी ने मार्च में अंतरिम बजट पेश किया था, लेकिन लोकसभा चुनाव आने के कारण वह क्रियान्वित नहीं हो सका है। ऐसे में अब आम बजट बनाने की तैयारी जोरों पर चल रही है। संभवत:10 जुलाई को बजट पेश किया जाए। व्यापारिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से भी सुझाव मांगे जा रहे है। आम बजट कैसे होगा? यह सभी के जेहन में है। अब देखना यह है कि राज्य के बजट में आम जनता, व्यापारियों को क्या राहत मिल पाएगी? किस तरह से योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाएगा। कारोबारी व आमजन नई सरकार के बजट में कई उपेक्षाएं लगाए बैठा है। इसी संदर्भ को लेकर बिजनेस रेमेडीज ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों व उद्योगपतियों से राय जानी।

एन.के.जैन, अध्यक्ष, दी एम्पलॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान
बजट में फायर और लेबर सेस समाप्त हो
बजट में सरकार फायर एनओसी के प्रावधानों की विसंगति दूर करे। फायर और लेबर सेस को समाप्त किया जाए। गुजरात में फायर सेस नहीं लगता है। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर एमएसएमई क्रेडिट कार्ड भी जारी करने का बजट में प्रावधान करना चाहिए। वहीं एमएसएमई के लिए बिजली की फिक्स रेट रुपए 6 प्रति यूूनिट हो और कोई भी बाद में हिंडन या फ्यूल सरचार्ज नहीं देना पड़े। इसके अलावा बजट में फाइनेंशियल लोन लेने पर अतिरिक्त स्टेम्प ड्यूटी खत्म करने की पहल करनी चाहिए। कोटा जिले में राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल सेंचुरी इको सेंसेटिव जोन के नोटिफिकेशन जारी ना होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार बजट में इसके लिए नोटिफिकिशन जारी करे। प्रदेश में कोई जल नीति नहीं बनी, इसलिए राजस्थान की जल नीति बनाई जाए। थानों में कई वर्षों से पड़े स्क्रेप के लिए बजट में नीति बनाई जाए, ताकि प्रदेश की रेवेन्यू भी बढ़ सके।
-एन.के.जैन, अध्यक्ष, दी एम्पलॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

बाबूलाल गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ
बजट बढिय़ा रहना चाहिए
राजस्थान का आने वाला बजट बढिय़ा रहना चाहिए, क्योंकि केंद्र सरकार से भी काफी राशि आने की संभावना है। विशेषकर इनको बजट में कृषि, इंडस्ट्रीज, शिक्षा और हैल्थ को देखना चाहिए, यह चारों ऐसे भाग हैं जो पूरे बजट को कवर कर लेते है। अगर यह बजट में इन चारों पर कोई नई पॉलिसी लाते हैं तो बजट अच्छा ही रहेगा।
-बाबूलाल गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ

चाननमल अग्रवाल,अध्यक्ष, राजस्थान ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन
पैट्रोल-डीजल पर वैट कम हो
बजट में व्यापारियों को सुविधा प्रदान करें। बिजली की दरों में रिहायत दें। इसके अलावा चुनावी घोषणा पत्र में पैट्रोल-डीजल की दरों में 10 रुपए कम करने की कहा गया था, लेकिन मात्र 3-4 रुपए कम किए गए। इसके लिए आने वाले राजस्थान के बजट में पैट्रोल-डीजल की वैट में कमी कर आम लोगों को राहत प्रदान करें। हरियाणा राज्य के बराबर पैट्रोल-डीजल की दरों को किया जाए।
-चाननमल अग्रवाल,अध्यक्ष, राजस्थान ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन

राजन सिंह, महामंत्री, राजस्थान ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन
मिसमैच, रिफंड और स्लैब सम्बन्धित समस्याओं का हो समाधान
राज्य के बजट में जीएसटी के मिसमैच, रिफंड और स्लैब सम्बन्धित समस्याओं का समाधान किया जाए। एसईजेड विकास के लिए बिजली की दर कम की जाए। इसके अलावा पैट्रोल-डीजल की दरों को हरियाणा राज्य के समतुल्य कर आमजन को राहत देनी चाहिए, जिससे महंगाई की मार से बचा जा सके।
-राजन सिंह, महामंत्री, राजस्थान ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन

दिनेश गुप्ता, प्रेसिडेंट, शेखावाटी इंपैक्स, सीतापुरा, जयपुर
एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए पहल करे सरकार
राजस्थान के बजट में सरकार एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए पहल करे और नई पॉलिसी लेकर आए ताकि ज्यादा से ज्यादा माल बाहर के देशों में निर्यात हो सके। इसके अलावा टैक्सटाइल पार्क की बहुत समय से चल रही मांग को बजट में सरकार पूरी करे, जिससे सभी काम एक जगह से हो सके। किसी भी देश की पूंजी व ताकत वहां का एक्सपोर्ट ही होता है और देश की अर्थव्यवस्था भी निरंतर ग्रो करती है।
दिनेश गुप्ता, प्रेसिडेंट, शेखावाटी इंपैक्स, सीतापुरा, जयपुर
कुंजेश कुमार पतसारिया
@ बिजनेस रेमेडीज

