राजस्थान से होता है प्रतिवर्ष दो
लाख टन मूंगफली का निर्यात
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। अमेरीका से चल रही टैरिफ टेंशन के बीच अब भारत को इंडोनेशिया ने भी झटका दिया है। इंडोनेशिया ने भारत से मूंगफली के आयात पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। इस रोक के बाद अब भारत के सामने नई टेंशन खड़ी हो गई है। गौरतलब है कि राजस्थान के बीकानेर से बड़ी मात्रा में मूंगफली और उसके तेल का निर्यात होता है। ये निर्यात इंडोनेशिया, चीन, वियतनाम और अन्य देशों में किया जाता है। गौरतलब है कि भारत से प्रतिवर्ष करीब 27.4 करोड़ डॉलर का मूंगफली निर्यात होता है।
इंडोनेशिया ने अपने देश में भारत से आने वाली मूंगफली पर रोक लगा दी है। यह रोक मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन की मात्रा ज्यादा होने के कारण लगाई गई है। इंडोनेशिया की क्वारंटाइन अथॉरिटी (आईक्यूए) ने 27 अगस्त, 2025 को यह आदेश जारी किया। यह 3 सितंबर, 2025 यानि आज से लागू हो जाएगा। भारत से इंडोनेशिया को हर साल 2.25 लाख टन से ज्यादा मूंगफली भेजी जाती है। इसकी कीमत 27.4 करोड़ डॉलर है।
भारत से आने वाली मूंगफली की सख्त जांच
आईक्यूए को मूंगफली में तय मानकों से ज्यादा एफ्लाटॉक्सिन मिला। इसके बाद यह फैसला लिया गया। एपीईडीए ने कहा है कि अगले सात दिनों तक इंडोनेशिया जाने वाली मूंगफली की जांच सख्त होगी। एपीईडीए का मतलब है- कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण। यह भारत से कृषि उत्पादों के निर्यात पर नजर रखता है। इंडोनेशिया का यह कदम काफी अहम है। कारण है कि अमेरीका में भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगने के बाद भारत नुकसान की भरपाई के लिए नए बाजारों की तलाश कर रहा है।
सात दिन में पहुंचने वाले शिपमेंट की दोबारा जांच
इंडोनेशिया ने भारत से मूंगफली का आयात इसलिए रोका क्योंकि मूंगफली क्वालिटी नियम के अनुसार नहीं थी। खासकर, एफ्लाटॉक्सिन की मात्रा बहुत ज्यादा थी। आईक्यूए ने एक सूचना में कहा कि मूंगफली के आयात पर रोक का आदेश 3 सितंबर से लागू होगा। उन्होंने कहा कि जिस शिपमेंट का बिल 7 दिनों के अंदर का होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा, लेकिन इंडोनेशिया में आने पर उन शिपमेंट की जांच और दोबारा टेस्टिंग होगी।
राजस्थान से इंडोनेशिया को मूंगफली का निर्यात
इंडोनेशिया भारत से निर्यात होने वाली कुल मूंगफली का एक तिहाई हिस्सा खरीदता है। राजस्थान से भी इंडोनेशिया, चीन और वियतनाम को काफी मूंगफली निर्यात की जाती है। इस रोक के बाद राजस्थान सहित भारत में मूंगफली के उत्पादन काफी असर आएगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि रोक से मूंगफली और मूंगफली तेल दोनों सस्ते होंगे। उत्पादन कम होने से बाद में इसके बाद बढ़ सकते हैं। राजस्थान से करीब डेढ़ से दो लाख टन मूंगफली का निर्यात होता है।
भारतीय मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन का स्तर ज्यादा
भारत से निर्यात होने वाली मूंगफली में एफ्लाटॉक्सिन का स्तर बहुत ज्यादा पाया गया है। इंडोनेशिया ने मूंगफली और मूंगफली उत्पादों में एफ्लाटॉक्सिन की अधिकतम मात्रा के लिए कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमिशन (सीएसी) के नियमों को अपनाया है। यह नियम सीधे खाने या सामग्री के रूप में उपयोग करने के लिए है। इसके तहत 15 पाट्र्स पर बिलियन की अनुमति है। यह यूरोपीय संघ के 4ppb के मानक से थोड़ा ज्यादा है।
– इंडोनेशिया के मूंगफली के आयात पर रोक से भारतीय बाजार में और गिरावट आएगी। इससे व्यापारियों व किसानों को मंदी का सामना करना पड़ेगा। भारत से निर्यात होने वाली मूंगफली पर टेक्सला टॉक्सिन पेस्टीसाइड की मात्रा ज्यादा पाई गई है। निर्यात पर रोक के बाद बुआई का रकबा भी इस बार कम होगा। बुआई कम होने से बाजार में तेल की कमी भी आएगी। इससे बाजार पर असर आएगा। पहले तेल मंदा होगा, इसके बाद फसल की कमी से तेल महंगा हो जाएगा। इसका असर आम भारतीय उपभोक्ता पर पड़ेगा।
– बाबूलाल गुप्ता, चेयरमैन, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ




