नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए देश में ऊर्जा अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत और विस्तारित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते भारत के लिए असली आज़ादी तभी है जब उपभोक्ताओं को अपनी ही संसाधनों से ऊर्जा मिले।
मंत्री ने बताया कि भारत की ऊर्जा नेटवर्क पर हर दिन 6.7 करोड़ लोग ईंधन भरते हैं और आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता है।
पुरी ने कहा कि 2015 से अब तक 172 तेल और गैस खोजें हुई हैं, जिनमें से 62 समुद्री क्षेत्रों में हैं। इसमें अंडमान-निकोबार बेसिन की खास अहमियत है, जिस पर अब अंतरराष्ट्रीय ध्यान भी बढ़ रहा है।
ONGC और ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान क्षेत्र में अल्ट्रा-डीपवॉटर ड्रिलिंग शुरू की है, जहां पहली बार 5,000 मीटर गहराई तक खुदाई हो रही है। शुरुआती नतीजों में हल्का कच्चा तेल, कंडेन्सेट और अन्य हाइड्रोकार्बन के संकेत मिले हैं। यह पहली बार साबित हुआ है कि यहां सक्रिय पेट्रोलियम प्रणाली मौजूद है।
अब तक के अभियान में ONGC ने 20 ब्लॉकों में खोज की है, जिसमें करीब 75 मिलियन मीट्रिक टन तेल और गैस के भंडार मिले हैं। OIL ने पिछले चार सालों में 7 खोजें की हैं, जिनमें 9.8 मिलियन बैरल तेल और 2,706.3 मिलियन घनमीटर गैस का अनुमान है।
पुरी ने संसद में बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा सुरक्षा पर काम हो रहा है और तेल अन्वेषण व उत्पादन बढ़ाने के लिए 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश किया गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि 2025 में पेट्रोल में एथनॉल मिलाने का स्तर लगभग 20% तक पहुंच गया है, जो 2014 में सिर्फ 1.53% था। इससे 1.4 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बची है, 238 लाख टन कच्चे तेल का विकल्प मिला है, 717 लाख टन CO2 उत्सर्जन घटा है और किसानों को सीधे 1.21 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है।
इसके चलते गन्ना किसानों को फायदा हुआ है, क्योंकि एथनॉल बनाने वाली चीनी मिलें अब ज्यादा दाम देकर उनका बकाया समय पर चुका पा रही हैं।




