Saturday, June 27, 2026 |
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एआई, क्वांटम, परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक भारत को बनाएंगी वैश्विक महाशक्ति: डॉ. जितेंद्र सिंह

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत तेजी से अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष विज्ञान और परमाणु ऊर्जा आने वाले समय में आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के प्रमुख आधार बनेंगे।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) ने केवल तीन वर्षों में अपने निर्धारित लक्ष्यों में से आधे से अधिक हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि क्वांटम आधारित सुरक्षित संचार (Quantum Secure Communication) के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसका उपयोग रक्षा, रणनीतिक संचार, साइबर सुरक्षा और संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा में किया जा सकेगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि भारत आज उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां वह कई महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता विकसित कर चुका है। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में यही तकनीकें आर्थिक विकास के साथ-साथ वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन को भी प्रभावित करेंगी।

तकनीकी नेतृत्व से तय होगी वैश्विक प्रतिस्पर्धा

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, परमाणु और क्वांटम तकनीक भविष्य की विश्व व्यवस्था को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। जो देश इन तकनीकों में निवेश और नवाचार नहीं करेंगे, वे विकास और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में पिछड़ सकते हैं।

एआई बनेगा हर क्षेत्र का प्रमुख उपकरण

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और सार्वजनिक सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल अवसंरचना, कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा संसाधनों और विश्वसनीय ऊर्जा प्रणालियों में निवेश बढ़ाकर इस पूरे तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है।

परमाणु ऊर्जा होगी डिजिटल भविष्य की आधारशिला

उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में उन्नत कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मजबूत और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता होगी। इस संदर्भ में परमाणु ऊर्जा भारत की तकनीक-आधारित विकास यात्रा और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

डॉ. सिंह ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशी विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। उनका मानना है कि मजबूत डिजिटल आधार, कुशल मानव संसाधन और दूरदर्शी नीतियों के बल पर भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।



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