उदयपुर | बिजनेस रेमेडी | कंपनी का नेट-जीरो लक्ष्य 2050 या उससे पहले हासिल करने का संकल्प मजबूत
Hindustan Zinc Limited ने Rajasthan के Debari स्थित जिंक स्मेल्टर में भारत की पहली 250 मीट्रिक टन क्षमता की Electric Crane की शुरुआत की है। यह हाइब्रिड मशीन डीजल और बिजली दोनों पर चल सकती है और कंपनी के कम कार्बन ऑपरेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल कंपनी के ग्रीन रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने ऑपरेशन्स में क्लीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रही है। पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने कई ग्रीन मोबिलिटी समाधान अपनाए हैं। इनमें भारत की पहली अंडरग्राउंड बैटरी इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रिक एवं LNG लॉजिस्टिक्स फ्लीट शामिल हैं। GreenLine Mobility के साथ मिलकर कंपनी ने Rajasthan का सबसे बड़ा EV बल्कर फ्लीट तैयार किया है, जिसमें 40 इलेक्ट्रिक बल्कर शामिल हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए 41 ग्रीन बसों के प्रोजेक्ट के तहत 2 इलेक्ट्रिक बसें भी शुरू की गई हैं। इससे पहले, कंपनी ने Rampura Agucha Mine में 4 इलेक्ट्रिक लोडर भी शुरू किए थे।
इस उपलब्धि पर Hindustan Zinc Limited के CEO Arun Misra ने कहा कि, “हमारे लिए सस्टेनेबिलिटी बहुत महत्वपूर्ण है। भारत का पहला 250 मीट्रिक टन Electric Crane शुरू करना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। हम स्वच्छ तकनीक अपनाकर इंडस्ट्री को ग्रीन और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह क्रेन साइट पर उत्सर्जन कम करने में मदद करेगा। अनुमान है कि यह हर साल लगभग 250.8 टन कार्बन उत्सर्जन कम करेगा, क्योंकि यह पहले हर साल करीब 93,600 लीटर डीजल खपत करने वाले डीजल क्रेन की जगह लेगा।
Sany India के Managing Director Deepak Garg ने कहा कि, “Hindustan Zinc Limited ने हमेशा सस्टेनेबल माइनिंग में नेतृत्व दिखाया है। हमें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर गर्व है। यह क्रेन ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और उत्सर्जन कम करने में मदद करेगा।”
2022-23 में Hindustan Zinc Limited भारत की पहली कंपनी बनी जिसने Sindesar Khurd Mine में अंडरग्राउंड बैटरी चलित इलेक्ट्रिक वाहन शुरू किए। वर्तमान में कंपनी के पास 250 से अधिक LNG ट्रक हैं, जो खदान से स्मेल्टर तक सामग्री ले जाते हैं।
कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2050 या उससे पहले Net Zero लक्ष्य हासिल करना है। इसके लिए वह Renewable Energy का उपयोग बढ़ा रही है, जो अब लगभग 18 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। कंपनी 2020 के स्तर के मुकाबले Scope 1 और Scope 2 उत्सर्जन में 50 प्रतिशत तथा Scope 3 उत्सर्जन में 25 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखती है।
Hindustan Zinc Limited ने एशिया का पहला लो-कार्बन जिंक EcoZen ब्रांड भी लॉन्च किया है। कंपनी को S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2025 में लगातार तीसरी बार विश्व की सबसे सस्टेनेबल मेटल और माइनिंग कंपनी का दर्जा मिला है।

