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भारत का पहला दिव्यांगजन रोजगार टूलकिट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और एटिपिकल एडवांटेज ने जारी किया

by Business Remedies
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मुंबई, 28 नवंबर 2025: विविधता, समावेशन और समानता के लिए प्रतिबद्ध भारत की अग्रणी कंपनी Godrej Consumer Products Limited (GCPL) ने दिव्यांगजन आजीविका प्लेटफॉर्म Atypical Advantage के साथ मिलकर मुंबई में Employability in Manufacturing Summit 2025 का सफल आयोजन किया। यह देश का सबसे बड़ा प्लेटफ़ॉर्म है। भारत के manufacturing क्षेत्र में दिव्यांगजन की भागीदारी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिखर सम्मेलन में उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं, नीति-निर्माताओं और समावेश के प्रबल समर्थकों ने हिस्सा लिया।

manufacturing क्षेत्र में 3 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं, फिर भी समावेशन की भारी कमी बनी हुई है। निजी क्षेत्र में दिव्यांग जन (PwD) की workforce भागीदारी मात्र 36 प्रतिशत है, जबकि गैर-दिव्यांग व्यक्तियों के लिए यह लगभग 60 प्रतिशत है। ऐसे में summit का लक्ष्य यह था कि चर्चा “समावेशन क्यों जरूरी है” से आगे बढ़कर “companies इसे व्यावहारिक रूप से कैसे लागू कर सकती हैं” पर केंद्रित हो।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘Work That Includes’ — भारत का पहला employability toolkit था, जिसे manufacturing इकाइयों में दिव्यांग समावेशन को व्यवहारिक रूप से लागू करने के लिए तैयार किया गया है। इसे IAS अधिकारी और दिव्यांगजन अधिकारों की राष्ट्रीय प्रतीक Ira Singhal तथा विभिन्न industry experts की उपस्थिति में launch किया गया। यह toolkit job mapping, accessibility checklist, workflow redesign, भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) शब्दावली और वास्तविक case studies जैसी चरणबद्ध मार्गदर्शन प्रदान करता है। Integrative Solutions द्वारा researched यह toolkit FMCG, automobile, semiconductor सहित कई क्षेत्रों से मिली सीखों पर आधारित है और factory operations में PwD के समावेश के लिए एक व्यापक मार्ग प्रस्तुत करता है।

Vinit Saraiwala, Atypical Advantage के founder ने कहा, “National Institute of Urban Affairs (NIUA) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2.21% की official disability rate वास्तविक स्थिति को कमतर दिखाती है। performance को बढ़ाने में समावेशन सहायक है, फिर भी manufacturing क्षेत्र ने ऐतिहासिक कारणों और पुरानी मान्यताओं के कारण इसे अपनाने में सबसे धीमी गति दिखाई है।”

उन्होंने आगे कहा, “GCPL जैसी corporate companies यह सिद्ध करती हैं कि manufacturing क्षेत्र में inclusive hiring, यदि सुविचारित तरीके से की जाए, तो यह न केवल व्यावहारिक है बल्कि मूल्यवान भी है। GCPL ने व्यापक स्तर पर तैयारी में निवेश किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दिव्यांग व्यक्तियों को काम पर रखने की पहल operational और organizational culture दोनों ही मोर्चों पर सफल रहे। सही systems और दृष्टिकोण के साथ, समावेशन केवल संभव ही नहीं है, यह companies, communities और देश के लिए भी अत्यंत लाभकारी होता है।”

पिछले पाँच वर्षों में Atypical Advantage ने GCPL, Nestlé, Micron, Tata Motors, Arbil Solutions और Nivea जैसी अग्रणी कंपनियों में PwD hiring को सक्षम किया है, जिससे productivity, retention और shop-floor अनुशासन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं।

GCPL की मध्य प्रदेश के Malanpur और तमिलनाडु के Chengalpattu स्थित manufacturing इकाइयों ने सुलभ, समावेशी और उच्च-प्रदर्शन वाले factory model विकसित कर राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं। job mapping, आधारभूत संरचना उन्नयन, ISL resources और technical training जैसे संरचित उपायों के माध्यम से GCPL ने प्रदर्शित किया है कि दिव्यांग समावेशन न केवल workplace culture को मजबूत करता है, बल्कि operational excellence को भी बढ़ाता है।

Vaibhav Ram, Global Head – HR, Godrej Consumer Products (GCPL) ने कहा, “ऐसे समय में जब भारत में दिव्यांगजन का employment अपनी वास्तविक क्षमता से बहुत कम है, GCPL सार्थक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी factories में हम 20 से अधिक दिव्यांगजन को रोजगार दे चुके हैं और इसे और अधिक roles व locations तक विस्तार देने की योजना है। यह समझना महत्वपूर्ण है कि दिव्यांग समावेशन कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। ‘Work That Includes’ toolkit इसी वास्तविकता को दर्शाता है और companies को उनकी inclusion journey शुरू करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।”

GCPL की PwD inclusion journey के बारे में उन्होंने कहा, “हमारी factories साबित करती हैं कि productivity और संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकती हैं। accessible workplaces मजबूत और अधिक सक्षम teams बनाते हैं। हम दीर्घकालिक capacity building में दिव्यांग-जागरूकता और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) modules को अपनी Learning Management System (LMS) में शामिल कर रहे हैं, ताकि inclusive communication और leadership हमारे मूल training का हिस्सा बन सके।”

‘Work That Includes’ toolkit यह स्पष्ट करता है कि inclusive manufacturing CSR पहल नहीं, बल्कि एक strategic business benefit है। जैसे-जैसे भारत का manufacturing क्षेत्र विस्तार कर रहा है, दिव्यांग समावेशन सामाजिक दायित्व के साथ-साथ एक बड़ी आर्थिक संभावना के रूप में उभर रहा है।



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