बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। फेडरल बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसम्बर तिमाही में शुद्ध लाभ नौ प्रतिशत बढक़र 1,041 करोड़ रुपये रहा। केरल स्थित निजी क्षेत्र के इस बैंक का 2024-25 की तीसरी (अक्टूबर-दिसम्बर) तिमाही में शुद्ध लाभ 955 करोड़ रुपये रहा था। बैंक ने बयान में कहा कि शुद्ध ब्याज आय नौ प्रतिशत बढक़र रिर्कार्ड 2,653 करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि ऋण में नौ प्रतिशत की बढ़ोतरी और शुद्ध ब्याज मुनाफे के 0.07 प्रतिशत बढक़र 3.18 प्रतिशत होने के कारण हुई। समीक्षाधीन तिमाही में गैर-ब्याज आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढक़र 1,100 करोड़ रुपये हो गई। मुनाफे में वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी के.वी.एस. मणियन ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि इसकी 47 प्रतिशत ऋण संपत्तियां रेपो दर से जुड़ी हुई हैं। केंद्रीय बैंक के ब्याज दर में कटौती का प्रभाव मार्च तिमाही में दिखेगा जिसे शुद्ध लाभ एवं आय (एनआईएम) की रक्षा के लिए कम करने की जरूरत है।
बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घटकर 1.72 प्रतिशत रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1.95 प्रतिशत थी।




