Home » तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना हो प्राथमिकता

तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना हो प्राथमिकता

by Business Remedies
0 comments

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस आज मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें तंबाकू छोडऩे के लिए प्रेरित करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और मौतों पर लगाम लगाने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। ताकि तंबाकू और इसके उत्पादों के सेवन से जुड़े जोखिम और परिवार, समाज और पर्यावरण पर इसके बुरे प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके। इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम”अपील को उजागर करना: तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना” है। तम्बाकू के उपयोग और इसके सेवन से कई प्रकार के कैंसर जैसे फेफड़े, स्वरयंत्र, मुंह, ग्रासनली, गला, मूत्राशय, गुर्दे, यकृत, पेट, अग्न्याशय, बृहदान्त्र और गर्भाशय ग्रीवा के साथ-साथ तीव्र माइलॉयड ल्यूकेमिया हो सकता है। ऐसा अनुमान है कि तम्बाकू के सेवन के कारण हर साल 1 करोड़ से अधिक लोग मारे जाते हैं। तम्बाकू ना केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पर्यावरण पर भी कई तरह से बुरा प्रभाव डालता है। विश्व स्तर पर हर साल तम्बाकू उगाने के लिए लगभग 35 लाख हेक्टेयर भूमि नष्ट कर दी जाती है। जहां तम्बाकू की खेती से हर साल 2,00,000 हेक्टेयर वनों की कटाई होती है और मिट्टी का क्षरण होता है। विश्व स्तर पर हर साल लगभग 4.5 लाख करोड़ सिगरेट बट का उचित तरीके से निपटान नहीं किया जाता। हर साल 80 करोड़ किलोग्राम जहरीला कचरा पैदा होता है और हजारों रसायन हवा, पानी और मिट्टी में छोड़े जाते हैं। ऐसे में सरकार को भी सचेत रहते हुए
तम्बाकू उपयोगकर्ताओं के बीच इसकी खेती, उत्पादन, वितरण, उपयोग और अपशिष्ट प्रबंधन से लेकर सम्पूर्ण तम्बाकू जीवन चक्र के प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करना, उन्हें शिक्षित करना और इसे छोडऩे के लिए पर्याप्त कारण बताना होना चाहिए। तभी तम्बाकू निषेध दिवस की सार्थकता सिद्ध हो सकती है।



You may also like

Leave a Comment