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Adani Power का मुनाफा अप्रैल-जून अवधि में तिमाही आधार पर 27.1 प्रतिशत बढ़ा

by Business Remedies
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बिजऩेस रेेमेडीज अहमदाबाद/आईएएनएस Adani Power ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का मुनाफा अप्रैल-जून अवधि में तिमाही आधार पर 27.1 प्रतिशत बढक़र 3,305 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछली तिमाही (वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही) में 2,599.23 करोड़ रुपए था।
कंपनी की कंसोलिडेटेड पावर बिक्री मात्रा वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 1.6 प्रतिशत बढक़र 24.6 बिलियन यूनिट (बीयू) हो गई, जबकि वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में यह 24.2 बिलियन यूनिट थी। कंपनी की पावर मांग में ऐसे समय पर इजाफा हुआ है, जब उच्च आधार प्रभाव और मानसून के समय से पहले आने के कारण मांग में कमी देखी जा रही है। Adani Powerका कंसोलिडेटेड कंटिन्यूइंग रेवेन्यू वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 14,167 करोड़ रुपए रहा है, जबकि वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में यह 15,052 करोड़ रुपए पर था। इसकी वजह कम दरें और आयातित कोयले की कीमतें हैं।
अदाणी पावर लिमिटेड के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि इस तिमाही में अदाणी पावर का स्थिर वित्तीय प्रदर्शन, बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव और अप्रत्याशित मौसम के बावजूद, उसकी मजबूती और ताकत का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि हम परियोजनाओं के जल्द क्रियान्वयन और रणनीतिक अधिग्रहणों के माध्यम से अपनी क्षमता को लगातार बढ़ा रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हम 2030 तक 30 गीगावाट (गीगावाट) की अपनी क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भविष्य के विकास के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल बॉयलर, टर्बाइन और जनरेटर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों को समय से पहले हासिल करके, हम अपनी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को मजबूत कर रहे हैं और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं।
1,200 मेगावाट मोक्सी पावर जनरेशन लिमिटेड, 600 मेगावाट कोरबा पावर लिमिटेड और 500 मेगावाट अदाणी दहानु थर्मल पावर स्टेशन के अधिग्रहण के कारण समेकित परिचालन क्षमता वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में 15,250 मेगावाट से बढक़र वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 17,550 मेगावाट हो गई। 600 मेगावाट विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड के अधिग्रहण के पूरा होने पर जुलाई 2025 में यह क्षमता बढक़र 18,150 मेगावाट हो गई। वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में समय से पहले मानसून आने से बिजली की मांग प्रभावित हुई, जबकि वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में गर्मी की लहर के कारण मांग में वृद्धि देखी गई थी। ख्यालिया ने कहा कि स्थायित्व और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है, क्योंकि हम विश्वसनीय, किफायती बिजली प्रदान करने का प्रयास करते हैं जो देश की प्रगति को गति प्रदान करती है।

 



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