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Aastha Multi-Specialty Hospital महिलाओं के स्वास्थ्य में नए मानक कर रहा है स्थापित

by Business Remedies
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चारु भाटिया | Business Remedies | जयपुर। छोटी शुरुआत से लेकर एक भरोसेमंद चिकित्सा संस्थान बनने तक, Dr. Pankhuri Goyal Buser जयपुर में महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मातृ एवं शिशु देखभाल के प्रति गहरी रुचि के साथ उन्होंने वर्ष 2019 में प्रताप नगर में Aastha Multi-Speciality Hospital की स्थापना की।

पांच बेड से शुरू हुआ यह अस्पताल आज 50 बेड की पूरी तरह सुसज्जित सुविधा बन चुका है, जहां किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता का इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विशेष बातचीत में उन्होंने मातृ स्वास्थ्य के बदलते रुझानों, आधुनिक तकनीक की भूमिका, सरकारी योजनाओं और राजस्थान में एक भरोसेमंद अस्पताल खड़ा करने की चुनौतियों और उपलब्धियों पर अपने विचार साझा किए।

प्रश्न: आपने प्रताप नगर, जयपुर में आस्था मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की शुरुआत की। आपका यह सफर कैसा रहा?
उत्तर: शुरुआती पढ़ाई के दौरान career के विकल्प सीमित थे, या तो medical या engineering। मुझे हमेशा मां और बच्चे की देखभाल में रुचि रही, इसलिए मैंने स्त्री रोग को चुना। मैंने आठ साल तक एक medical college में काम किया, जहां अनुभव और समझ मिली। इसके बाद 2019 में सिर्फ पांच बेड के साथ आस्था हॉस्पिटल शुरू किया। आज यह 50 बेड का अस्पताल बन चुका है, जिसमें आधुनिक ward, operation theatre, ICU और NICU की सुविधा है।

रात में भी sonography की सुविधा उपलब्ध है। मेरे परिवार का, खासतौर पर मेरे पति Dr. Nitin Buser का सहयोग बेहद अहम रहा है। वे आस्था हॉस्पिटल में critical care और anesthesia specialist हैं। अस्पताल शुरू करने का उद्देश्य साफ था—उच्च गुणवत्ता की किफायती health services देना, सामान्य प्रसव को बढ़ावा देना और पारदर्शिता व संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करना।

प्रश्न: आप किन उपचारों में विशेषज्ञ हैं और आस्था हॉस्पिटल को क्या अलग बनाता है?
उत्तर: यहां महिलाओं से जुड़ी सभी प्रमुख services उपलब्ध हैं। मैं खुद स्त्री रोग specialist हूं और सामान्य प्रसव, cesarean, D&C, MTP, गर्भनिरोधक सेवायें व बच्चा न लगने के केस में treatment प्रदान करती हूं। इसके अलावा cyst, fibroid और endometriosis या बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन जैसी समस्याओं का इलाज hysteroscopy और laparoscopy जैसी modern technologies से किया जाता है। अस्पताल में 24 घंटे emergency सेवा, private room और किफायती इलाज की सुविधा है। हम मरीज की सुविधा, भरोसे और गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हैं।

प्रश्न: आज के दंपतियों में गर्भावस्था को लेकर कौन सी गलतफहमियां हैं?
उत्तर: आज awareness बढ़ी है, लेकिन कुछ भ्रांतियां अब भी हैं। जैसे sonography या MRI से बच्चे को नुकसान होने का डर, जबकि ऐसा नहीं है। नुकसान केवल CT scan और X-ray से हो सकता है। बच्चे का लिंग पुरुष के chromosome से तय होता है। साथ ही गर्भवती महिला को बहुत ज्यादा active रहना चाहिए जैसी भ्रांतियां हैं, जबकि संतुलित activity ही सही होती है। सही जानकारी और संवाद बहुत जरूरी है।

प्रश्न: आज सामान्य गर्भधारण मुश्किल क्यों हो रहा है और cesarean delivery क्यों बढ़ रही है?
उत्तर: धारणा गलत है कि डॉक्टर सिर्फ पैसे के लिए cesarean करते हैं। आज मरीज मां और बच्चे की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। पहले अधिकतर प्रसव घर पर होते थे। Medical प्रगति से cesarean सुरक्षित हो गया है, लेकिन इसे तभी किया जाता है जब जरूरी हो। सामान्य प्रसव आज भी सुरक्षित विकल्प है।

प्रश्न: आधुनिक जीवनशैली महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर रही है?
उत्तर: कई महिलाएं career के कारण शादी और मातृत्व में delay करती हैं, जिससे प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है। धूम्रपान, शराब और नशे जैसी आदतें भी गर्भधारण में बाधा बनती हैं। मैं महिलाओं को योग, व्यायाम और ध्यान अपनाने की सलाह देती हूं। उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता कम होती है, इसलिए सही समय और healthy lifestyle जरूरी है।

प्रश्न: डिलीवरी के बाद मां की देखभाल में क्या बदलाव आए हैं?
उत्तर: पहले डिलीवरी के बाद कई पाबंदियां होती थीं, जैसे नमक या घी न खाना। अब सही पोषण और आराम जरूरी है। घर का पौष्टिक भोजन मां को जल्दी स्वस्थ करता है और दूध की गुणवत्ता बेहतर होती है। डिलीवरी के बाद depression आम है, इसलिए शुरुआती 40 दिनों में परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण है।

प्रश्न: स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक वरदान है या अभिशाप?
उत्तर: तकनीक अधिकतर मामलों में वरदान है। CT scan, MRI और ultrasound से बीमारी जल्दी पकड़ में आती है। कम चीरे वाली surgery सुरक्षित और कम दर्द वाली होती है। हालांकि इंटरनेट पर ज्यादा जानकारी से मरीज भ्रमित हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

प्रश्न: सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आप कैसे देखती हैं?
उत्तर: सरकारी योजनाएं जरूरी हैं, लेकिन लोगों को इनके बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। पात्रता और प्रक्रिया समझना जरूरी है। निजी अस्पतालों की भूमिका भी अहम है।

प्रश्न: व्यस्त जीवन में निजी और पेशेवर जीवन का संतुलन कैसे बनाती हैं?
उत्तर: सुपरवुमन बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। परिवार का सहयोग सबसे जरूरी है। मैं संयुक्त परिवार में रहती हूं और मेरे दो बच्चे हैं। कई बार रात में भी अस्पताल जाना पड़ता है। बच्चों को समय न दे पाने का मलाल रहता है, लेकिन मरीजों की खुशी और संतुष्टि ही मेरी सेवा है।

प्रश्न: क्या आज भी डॉक्टरों को भगवान माना जाता है?
उत्तर: हम भगवान नहीं, इंसान हैं। हमारा उद्देश्य सही इलाज और मार्गदर्शन देना है। आस्था हॉस्पिटल में हम पारदर्शिता, जानकारी और संवेदनशीलता पर जोर देते हैं।

प्रश्न: डॉक्टर बनना चाहने वाले युवाओं को आप क्या सलाह देंगी?
उत्तर: मेडिकल क्षेत्र कठिन है, लेकिन संतोषजनक भी। सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, technology, समय प्रबंधन और जीवन संतुलन भी सीखना जरूरी है। रिसर्च और नवाचार के अवसर भी हैं। सफल होने के लिए मेहनत, लगन, सीखने की इच्छा और इंसानियत जरूरी है।



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