बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई Capri Global Capital Limited( CGCL) नॉन-डिपॉजिट स्वीकार करने वाली और प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण NBFC (NBFC-ND-SI) है, जिसके निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और वित्त-वर्ष के लिए ऑडिट किए गए वित्तीय परिणामों की घोषणा की। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
कारोबार एवं आय संबंधी प्रदर्शन : वित्त-वर्ष 25 की चौथी तिमाही में संचालन में दमदार प्रदर्शन; कन्सॉलिडेटेड AUM रू 22,850 करोड़ रुपये के पार पहुँचा। CGCL ने वित्त-वर्ष 25 की चौथी तिमाही में भी मजबूत विकास की गति को बरकरार रखा है। को-लेंडिंग AUM रू सहित कन्सॉलिडेटेड AUM रू में साल-दर-साल 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 22,857 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। गोल्ड लोन में साल-दर-साल 130 प्रतिशत की बढ़ोतरी और हाउसिंग लोन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी से रिटेल ्ररू के विकास को बढ़ावा मिला। को-लेन्डिंग ्ररू 4,079 रुपये तक पहुँचा, जो कुल कन्सॉलिडेटेड AUM रू का 17.8 प्रतिशत है और वित्त-वर्ष 25 की चौथी तिमाही के दौरान इसमें 11.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो सभी प्रमुख बैंकों के साथ ष्टत्रष्टरु की गहरी होती साझेदारी को दर्शाता है। अदायगी में भी सालाना आधार पर 41त्न की वृद्धि हुई, जो 8,389 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ये वृद्धि क्रमिक और विविधतापूर्ण बनी हुई है, और ग्राहकों के मौजूदा अकाउंट की संख्या 720्य से अधिक हो गई है।
वित्त-वर्ष 2025 के दौरान मुनाफ़े में रिकॉर्ड बढ़ोतरी; PAT में सालाना आधार पर 71त्न की वृद्धि : कैप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड ने बड़े ही शानदार ढंग से वित्त-वर्ष 25 का समापन करते हुए 479 करोड़ रुपये का दमदार PAT दर्ज किया, जो साल-दर-साल 71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मार्जिन के विस्तार, संचालन से मजबूत लाभ और बिजनेस के सभी सेगमेंट में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाता है, साथ ही एसेट क्वालिटी को भी मजबूत बनाए रखता है। वित्त-वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में क्क्रञ्ज बढक़र 178 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 115 प्रतिशत और पिछली तिमाही की तुलना में 39 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी को दर्शाता है। वित्त-वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान क्रमश: 16.9 प्रतिशत और 3.6 प्रतिशत की RoAE और RoAA के साथ लाभ कमाने के मामले में कंपनी ने बेहतरीन मेट्रिक्स प्रस्तुत किया, जिससे जाहिर होता है कि CGCL ने पूंजी आवंटन और रिस्क-एडजेस्टेड रिटर्न के लिए बेहद अनुशासित तरीका अपनाया है। वित्त-वर्ष 25 के दौरान, साल-दर-साल 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ नेट इंटरेस्ट इनकम बढक़र 1,332 करोड़ रुपये हो गई, जो रिटेल लोन बुक के जबरदस्त विस्तार और मार्जिन में लगातार सुधार की वजह से संभव हुआ है। इस दौरान ब्लैडेंड यील्ड और स्प्रेड क्रमश: 17.3 प्रतिशत और 7.8 प्रतिशत रहे, जो प्राइसिंग के साथ-साथ पोर्टफोलियो मिक्स में मजबूती को दर्शाता है।
शुल्क-आधारित आय में जोरदार बढ़ोतरी; गैर-ब्याज आय भी बेहद महत्वपूर्ण साधन बना हुआ है : वित्त-वर्ष 2025 में हमने गैर-ब्याज आय के स्रोतों को मजबूत करना जारी रखा है, और इस तरह अपनी आय की प्रोफ़ाइल को विविधतापूर्ण एवं सुदृढ़ बनाने की हमारी रणनीति और मजबूत हुई है। वित्त-वर्ष 2025 में साल-दर-साल 31त्न की वृद्धि के साथ गैर-ब्याज आय 501 करोड़ रुपये हो गई, और वर्ष के दौरान नेट टोटल इनकम में उसका योगदान 27.3त्न रहा, जिसे को-लेन्डिंग फी आय और बीमा वितरण में शानदार बढ़ोतरी का पूरा सहयोग मिला।
वित्त-वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी के कार लोन बिजनेस ने अपनी बढ़त बनाए रखी, और साल-दर-साल 8त्न की बढ़ोतरी के साथ 2,969 करोड़ रुपये का वितरण किया गया। CGCL ने अपनी मौजूदगी के दायरे को तेजी से बढ़ाने के अलावा, 12 साझेदार बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ मजबूत संबंध बनाकर इस क्षेत्र में एक स्केलेबल प्लेटफॉर्म स्थापित किया है। बीमा वितरण की बात की जाए, तो वित्त-वर्ष 2025 में CGCL ने 73 करोड़ रुपये की नेट फी इनकम प्राप्त की। हम उम्मीद करते हैं कि, 18 बीमा कंपनियों के साथ साझेदारी और रिटेल ग्राहकों के आधार में बढ़ोतरी से आने वाले समय में भी इसका योगदान जारी रहेगा।
कंपनी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, राजेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें कम पहूंच वाले क्षेत्रों में विकास की बेहतरीन संभावनाएं नजऱ आ रही हैं और ऋण उपलब्ध कराने का हमारा विविधतापूर्ण एवं सुरक्षित मॉडल, कंपनी के विकास को सस्टेनेबल और लाभदायक बनाने के लिए बेहतर स्थिति में है। टेक्नोलॉजी पर आधारित हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत को-लेन्डिंग साझेदारी और ग्राहकों के लिए बेहतर अनुभव पर विशेष ध्यान देने से हम कुशलतापूर्वक और जिम्मेदारी से आगे बढ़ पा रहे हैं। लॉन्च किए गए नए प्रोडक्ट्स के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में विकास की गति मजबूत बनी हुई है। ज्यादा यील्ड वाली पेशकशों के जरिये मार्जिन में वृद्धि, शुल्क-आधारित आय में लगातार प्रगति और टेक्नोलॉजी की मदद से लागत में बचत से मजबूत लाभप्रदता को सहारा मिल रहा है।

