बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर Amity University जयपुर का 14वां दीक्षांत समारोह एकेडमिक उत्कृष्टता और सीखने की भावना का जश्न मनाते हुए आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह में प्रतिष्ठित विशिष्ट अतिथियों और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके परिवारजन भी मौजूद थे। डिग्री पाकर विद्यार्थी खुश नजर आए और प?ई पूरी करने पर गौरान्वित महसूस करने का अनुभव साझा किये। दीक्षांत समारोह की शुरुआत Amity University राजस्थान के चांसलर डॉ. असीम चैहान के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई। डॉ. चैहान ने विद्यार्थियों को विकास के लिए नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। Amity University राजस्थान के चांसलर डॉ. असीम चैहान ने कृतज्ञता की भावना में संस्थान की मूल मान्यता पर जोर दिया, जो भविष्य की लीडरशिप को आकार देने में एक मार्गदर्शक सिद्धांत बना हुआ है। वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने रिसर्च पब्लिकेशन, अवार्ड, कॉलबोरेशन, प्रतिष्ठित आगंतुकों, छात्र गतिविधियों, प्लेसमेंट और अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
दीक्षांत समारोह में जीवीके ग्रुप ऑफ कंपनीज के वाइस चैयरमेन जी.वी. संजय रेड्डी, भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर और एसईआरबी के पूर्व सचिव प्रो. संदीप वर्मा को डाक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही मानद प्रोफेसरशिप एरी गौटियर, प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखक और कवि को प्रदान की गई। जीवीके ग्रुप ऑफ कंपनीज के वाइस चैयरमेन जी.वी. संजय रेड्डी ने अपने वक्तव्य में सफलता के लिए अपना मंत्र साझा लिव, लव और लाफ जिसमें उत्कृष्टता प्राप्त करने में जुनून, रिश्तों और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने आभार व्यक्त किया और भारत की महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक पहलों जैसे गगनयान, महासागर और मिशन मौसम के बारे में बताया, जो अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान में देश की प्रगति को गति दे रहे हैं। आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर और एसईआरबी के पूर्व सचिव प्रो. संदीप वर्मा ने मानद उपाधि स्वीकार करते हुए स्नातकों को बेहतर भविष्य निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया, उन्हें नवाचार को आगे ब?ाते हुए पिछली उपलब्धियों पर निर्माण करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने टेलीमेडिसिन और टेलीहेल्थ में परिवर्तनकारी विकास पर भी प्रकाश डाला, स्वास्थ्य सेवा की खाई को पाटने और सभी के लिए पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका पर जोर दिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे उपाधि प्राप्त करने के बाद देश और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें और राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करें। प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर जी. के. आसेरी ने स्नातक करने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दीं। समारोह में मानव और पारंपरिक मूल्यों में उत्कृष्टता के लिए श्री बलजीत शास्त्री पुरस्कार और होनहार छात्रों को प्रतिष्ठित डॉ. अशोक के. चैहान छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. नितिन भारद्वाज ने बताया कि स्नातक, स्नातकोत्तर में 1001 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में 37 स्वर्ण पदक, 28 रजत पदक, 7 कांस्य पदक, 75 साल्वर्स और प्रतिष्ठित बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ट्रॉफी के साथ मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में सभी छात्र-छात्राएं पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए। दीक्षांत समारोह का एक भावनात्मक और प्रेरक क्षण पूर्व छात्र ध्वज सौंपने का समारोह था।




