बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली
भारत के मीडिया और इंटरटेनमेन्ट लैन्डस्केप को नया आकार देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने MSDE के सचिव अतुल कुमार तिवारी के साथ मीडिया एंड इंटरटेनमेन्ट स्किल्स काउंसिल (MESC) की गवर्निंग काउंसिल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग जगत के लीडर एक साथ आए, जिनमें एमईएससी के सीईओ मोहित सोनी, एमईएससी की सीओओ पूजा अरोड़ा, प्रसिद्ध अभिनेता और एमईएससी के सेक्रेटरी अमित बहल, लेखक-निर्देशक और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. (माननीय) अनुषा श्रीनिवासन अय्यर, पद्म श्री और ऑस्कर विजेता डॉ. रेसुल पुकुट्टी, पॉकेट फिल्म्स के संस्थापक समीर मोदी, फ्रेमबॉक्स 2.0 के संस्थापक राजेश तुराखिया, और आइस ग्लोबल तथा विजक्राफ्ट माइम की को-फाउंडर सुषमा गायकवाड़ शामिल हुए। ये सभी मिलकर प्रगतिशील थीम ‘स्किल इंडिया टू बिल्ड इंडिया’ के तहत एकजुट हुए, जिसका साझा उद्देश्य भारत को कुशल मीडिया प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने इस जीवंत क्षेत्र की बढ़ती मांगों और जटिलताओं पर बात करने के लिए काउंसिल के नए मैन्डेट पर जोर देते हुए कहा, “मीडिया एंड इंटरटेनमेन्ट काउंसिल (एमईएससी) की गवर्निंग काउंसिल को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवश्यक कौशल विकास के विशाल अवसरों और बढ़ते पैमाने को पहचानने के लिए मजबूत किया गया है। जैसे-जैसे भारतीय मीडिया उद्योग का विस्तार और विविधता हो रही है, इस इन्क्लूसिल काउंसिल, जिसमें इस क्षेत्र की कुछ सबसे प्रभावशाली हस्तियां शामिल हैं, तेजी से विकसित हो रहे उद्योग की मांगों के साथ अपने कौशल विकास पहलों को एक साथ लाने करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और उद्योग भागीदारों के साथ एक सहयोगी दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया, तथा इस बात पर जोर दिया कि स्किल काउंसिल को सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्षेत्र में नए आने वाले तकनीकी रूप से उन्नत और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हों। मंत्री ने मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग और एवीजीसी (एनीमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्रों में वैश्विक अवसरों पर भी प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि कुशल प्रोफेशनल्स की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ, भारत के पास खुद को एक प्रमुख प्रतिभा केंद्र के रूप में स्थापित करने का एक अद्वितीय अवसर है। उन्होंने एवीजीसी नीति के माध्यम से इस दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्वीकार किया, जिसका उद्देश्य क्षमता निर्माण करना, क्रिएटिव इनोवेशन को प्रोत्साहित करने वाले वातावरण को बढ़ावा देना और भारत के युवाओं की रोजगार क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है, जिससे देश को इस क्षेत्र में वैश्विक मान्यता प्राप्त हो सके। एमएसडीई के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने पुष्टि की, मंत्रालय में हमारी प्रतिबद्धता एक मजबूत फ्रेमवर्क बनाने की है जो न केवल घरेलू स्तर पर प्रतिभाओं को आगे बढ़ाए बल्कि कुशल प्रोफेशनल्स के देश के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाए और ग्लोबल मीडिया मार्केट के लिए कौशल विकास का आधार बने।




