जयपुर। Silica ramming mass बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी Raghav Productivity Enhancers Limited ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही और छमाही के लिए अपने शानदार financial results की घोषणा की है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक volume, revenue, EBITDA और PAT दर्ज कर एक नया record बनाया है। इस अवधि के दौरान कंपनी का consolidated revenue 47 percent की भारी बढ़त के साथ 180 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 55 percent बढ़कर 54 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 61 percent की जोरदार वृद्धि के साथ 41 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं, अकेले दूसरी तिमाही की बात करें तो कंपनी ने 93 करोड़ रुपए का revenue (46 percent वृद्धि), 28 करोड़ करोड़ का EBITDA (47 percent वृद्धि) और 22 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ (56 percent वृद्धि) हासिल किया है। उच्च मूल्य वाले उत्पादों (value-added products) के बढ़ते योगदान के कारण कंपनी के EBITDA और मुनाफे में revenue के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से वृद्धि देखी गई है। पहली छमाही में कंपनी ने 95 percent की consolidated capacity utilization के साथ काम किया, जबकि इसका सालाना ROCE 39 percent और ROE 29 percent दर्ज किया गया है।
व्यावसायिक मोर्चे पर कंपनी अपनी manufacturing capacity को बढ़ाने के लिए तेजी से कदम उठा रही है। कंपनी का ‘brownfield expansion’ सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है और चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक इसकी नई capacity पूरी तरह से चालू हो जाएगी। इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल production capacity 4,14,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष से बढ़कर 5,34,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी। इसके साथ ही, कंपनी के नए products की हिस्सेदारी में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कंपनी का foundry business अपने distribution network के विस्तार के साथ लगातार मजबूत हो रहा है। इसके अलावा, कंपनी के नवीनतम research and development product ‘Tundish Ferroshield’ को ग्राहकों द्वारा तेजी से अपनाया जा रहा है। इसके चलते कंपनी बिना किसी अतिरिक्त customer acquisition cost के, cross-selling के माध्यम से अपने मौजूदा ग्राहकों से अधिक कारोबार हासिल करने में सफल रही है।
कंपनी management के दृष्टिकोण के अनुसार, वर्तमान में मजबूत व्यावसायिक गति बनी हुई है जहां पुराने ग्राहक अपना काम बढ़ा रहे हैं और नए ग्राहक सफल परीक्षणों के बाद नियमित रूप से जुड़ रहे हैं। पूर्वी भारत में ‘TRLK joint venture’ कंपनी के बड़े लक्ष्यों की दिशा में पहला कदम है, जो प्रमुख steel clusters के करीब रहकर काम करने के model को दोहराने में मदद करेगा। इसका अंतिम लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की capacity हासिल करना है। कंपनी को सरकारी नीतियों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। राष्ट्रीय इस्पात नीति के draft के तहत साल 2047 तक 604 million metric ton steel capacity का लक्ष्य रखा गया है, जो मौजूदा स्तर से लगभग तीन गुना अधिक है। साथ ही, उद्योग जगत में ‘green steel’ की ओर बढ़ता रुझान कंपनी के लिए विकास के बड़े अवसर खोल रहा है, क्योंकि नई induction furnace capacities जुड़ने से कंपनी का customer base और मजबूत होगा। 2009 में स्थापित और जयपुर में headquarters वाली Raghav Productivity Enhancers Limited आज देश-विदेश के बाजारों में अपनी धाक जमा चुकी है, जो भारत के 28 राज्यों और दुनिया के 39 से अधिक देशों में अपने products का export करती है।

