कंपनी ने स्वीकार की रणनीतिक चूक
New Delhi, July 15: US की Technology कंपनी IBM के Chairman और CEO Arvind Krishna ने स्वीकार किया है कि कंपनी Artificial Intelligence यानी AI Infrastructure पर ग्राहकों के तेजी से बढ़ते खर्च का सही अनुमान नहीं लगा सकी। इसके कारण दूसरी तिमाही में कंपनी के Revenue और कारोबारी प्रदर्शन पर दबाव पड़ा।
उम्मीद से ज्यादा गंभीर रहे हालात
निवेशकों को लिखे पत्र में Krishna ने कहा कि IBM को Supply Chain से जुड़ी कुछ बाधाओं की आशंका थी, लेकिन ग्राहकों द्वारा अपने Capital Expenditure को Servers, Storage और Memory की ओर इतनी तेजी से स्थानांतरित करने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने माना कि वास्तविक परिस्थितियां कंपनी के अनुमान से अधिक चुनौतीपूर्ण रहीं।
बड़े Deals समय पर नहीं हुए पूरे
Krishna के अनुसार, बदलते बाजार में टीमों को बेहतर Execution की जरूरत थी, लेकिन कंपनी पर्याप्त तेजी से खुद को नहीं बदल सकी। इसी कारण कई बड़े Deals तय समयसीमा में पूरे नहीं हो पाए और Revenue में आई कमी का प्रमुख कारण बने।
जून के अंतिम सप्ताह में बदला Budget
IBM ने बताया कि जून के अंतिम सप्ताह में कई Clients ने संभावित Price वृद्धि और सीमित Supply को देखते हुए अपने Technology Budget का बड़ा हिस्सा AI Infrastructure सुरक्षित करने में लगा दिया। Industry में तेजी से बदलती Cybersecurity चिंताओं ने भी ग्राहकों के फैसलों को प्रभावित किया।
Revenue बढ़ा, Infrastructure कारोबार कमजोर
कंपनी का Preliminary दूसरी तिमाही Revenue सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 17.2 Billion Dollar रहा। Software Revenue में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, Consulting Revenue स्थिर रहा, जबकि Infrastructure Revenue में 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
Shares में 25 प्रतिशत की गिरावट
Preliminary नतीजों के बाद IBM के Shares में 25 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। कंपनी की Diluted Earnings Per Share 2 प्रतिशत घटकर 2.27 Dollar रही, जबकि Operating Non-GAAP Earnings Per Share 5 प्रतिशत बढ़कर 2.93 Dollar हो गई।
AI और Quantum Computing में निवेश जारी
Krishna ने कहा कि कमजोर प्रदर्शन के बावजूद IBM को अपने Portfolio और Business Transformation पर भरोसा है। कंपनी AI और Quantum Computing में आक्रामक निवेश जारी रखेगी। IBM के पूर्ण दूसरी तिमाही नतीजे 22 जुलाई को जारी किए जाएंगे।

