भारत सरकार ने East Coast Railway के 631किमी रेल मार्ग पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली Kavach स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹.270करोड़ रखी गई है। रेल मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह कदम भारतीय रेलवे के सुरक्षा ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस परियोजना के तहत East Coast Railway के छह महत्वपूर्ण रेल खंडों में Kavach प्रणाली लगाई जाएगी। इनमें बाघुआपाल–बुधापांक, हरिदासपुर–पारादीप, खुर्दा रोड–बलांगीर, नौपाड़ा–गुनुपुर, लांजीगढ़ रोड–जूनागढ़ और बोब्बिली–सलूर रेल खंड शामिल हैं। इन मार्गों पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही काफी अधिक रहती है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को उन्नत करना आवश्यक माना गया है।
यह स्वीकृत कार्य भारतीय रेलवे की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसके अंतर्गत पूरे देश के रेल नेटवर्क पर LTE आधारित संचार व्यवस्था के साथ Kavach प्रणाली को लागू किया जा रहा है। Kavach भारत में विकसित की गई एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है। Kavach प्रणाली का मुख्य कार्य ट्रेनों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना है। यदि किसी स्थिति में चालक लाल संकेत को पार करने का प्रयास करता है, ट्रेन निर्धारित गति सीमा से अधिक चलती है या दो ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका उत्पन्न होती है, तो यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोकने में सहायता करती है।
रेल मंत्रालय के अनुसार इन मार्गों पर Kavach की स्थापना से स्वचालित ट्रेन सुरक्षा और टक्कर-रोधी क्षमता विकसित होगी, जिससे रेल परिचालन सुरक्षा का स्तर काफी ऊंचा हो जाएगा। इसके साथ ही यह प्रणाली खराब मौसम, विशेष रूप से घने कोहरे जैसी परिस्थितियों में भी ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना का लाभ ओडिशा तथा आसपास के क्षेत्रों में चलने वाली यात्री और मालगाड़ियों दोनों को मिलेगा। इससे रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी, समयपालन में सुधार होगा और परिचालन क्षमता भी मजबूत होगी।
रेलवे सुरक्षा और सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण पर सरकार लगातार जोर दे रही है। इसी क्रम में हाल ही में Eastern Railway को High Density Network और Highly Utilised Network मार्गों पर स्थित 32 स्टेशनों में Electronic Interlocking प्रणाली स्थापित करने की अनुमति भी दी गई थी। उस सिग्नल उन्नयन परियोजना के लिए सरकार ने ₹.405 करोड़ की मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण रेल गलियारों में सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि Kavach और आधुनिक सिग्नल प्रणालियों के विस्तार से भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में अधिक सुरक्षित, आधुनिक और दक्ष परिवहन व्यवस्था के रूप में उभरेगा।

