यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने हरियाणा और राजस्थान के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर चार ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, किसानों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय रेलवे द्वारा स्वीकृत नए ठहरावों में दिल्ली–सतरोद पैसेंजर का पातुवास मेहराना स्टेशन, अगरतला–फिरोजपुर एक्सप्रेस और बीकानेर–हरिद्वार एक्सप्रेस का हरियाणा के हांसी स्टेशन तथा जयपुर–असरवा एक्सप्रेस का राजस्थान के बिजयनगर स्टेशन पर ठहराव शामिल है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय यात्रियों की मांग और परिचालन संबंधी व्यवहार्यता का विस्तृत अध्ययन करने के बाद लिया गया है। लंबे समय से स्थानीय लोग इन स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे थे, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।
रेवाड़ी–भिवानी रेलखंड पर स्थित पातुवास मेहराना स्टेशन पर अब दिल्ली–सतरोद पैसेंजर ट्रेन का ठहराव होगा। वर्तमान में इस स्टेशन पर सीमित ट्रेनें रुकती हैं, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को झाड़ली और चरखी दादरी जैसे कई किलोमीटर दूर स्थित स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए ठहराव से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों और विद्यार्थियों को यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी तथा पहले और अंतिम चरण की संपर्क व्यवस्था भी बेहतर होगी।
भिवानी–हिसार मार्ग पर स्थित हांसी स्टेशन को भी दो अतिरिक्त लंबी दूरी की ट्रेनों का लाभ मिला है। अगरतला–फिरोजपुर एक्सप्रेस और बीकानेर–हरिद्वार एक्सप्रेस अब यहां भी रुकेंगी। इससे हांसी और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को देश के पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों तक बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा। अब तक यात्रियों को इन ट्रेनों में यात्रा करने के लिए भिवानी सिटी या हिसार जाना पड़ता था। नए ठहराव से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा विकल्प भी मिलेंगे। इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय आवागमन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
राजस्थान के बिजयनगर स्टेशन के यात्रियों को भी महत्वपूर्ण राहत मिली है। जयपुर–असरवा एक्सप्रेस के नए ठहराव से अब स्थानीय लोगों को इस ट्रेन का लाभ सीधे अपने स्टेशन पर मिलेगा। पहले इस सेवा का उपयोग करने के लिए यात्रियों को नसीराबाद या भीलवाड़ा तक जाना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त समय और खर्च लगता था। भारतीय रेलवे का यह कदम छोटे और मध्यम शहरों में रहने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए ठहरावों से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, यात्रा अधिक सुगम बनेगी और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी।

