बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट-2026 पेश किया, जो ‘विकसित भारत’ के दीर्घकालिक लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आधिकारिक प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, वित्त मंत्री का बजट भाषण लगभग 85 मिनट का रहा। उन्होंने गुरु रविदास को स्मरण करते हुए और माघ पूर्णिमा के पावन अवसर का उल्लेख कर बजट भाषण की शुरुआत की।
इस बजट में जहां आम करदाताओं को आयकर स्लैब में राहत नहीं मिली, वहीं स्वास्थ्य, रक्षा, आयुर्वेद, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार ने बड़ा दांव खेला है।
आयकर: स्लैब में बदलाव नहीं, रिटर्न फाइलिंग को मिली राहत
बजट-2026 में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए करदाताओं को 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब संशोधित रिटर्न 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक दाखिल की जा सकेगी। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। साथ ही, टैक्स फॉर्म्स को सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए दोबारा डिजाइन किया गया है।
स्वास्थ्य: कैंसर की दवाएं सस्ती, इलाज होगा आसान
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 आयातित दवाओं पर 5% बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। इसके अलावा हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को भी ड्यूटी-फ्री किया गया है। इससे गंभीर बीमारियों का इलाज आम लोगों की पहुंच में आने की उम्मीद है।
रक्षा बजट: 15.2% की बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण पर जोर
सरकार ने रक्षा बजट को ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है। यह 15.2% की बढ़ोतरी है। खास बात यह है कि हथियार खरीद और आधुनिकीकरण पर पूंजीगत खर्च 22% बढ़ाकर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है।
विमान और एयरो-इंजन विकास के लिए ₹64 हजार करोड़ और नौसेना के बेड़े के विस्तार के लिए ₹25 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
आयुर्वेद और बायोफार्मा: भारत को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी
बजट में 3 आयुर्वेदिक AIIMS खोलने की घोषणा की गई है। आयुर्वेदिक दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। ‘बायोफार्मा शक्ति स्कीम’ के तहत ₹10,000 करोड़ के निवेश से अगले पांच साल में एक लाख हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे।
महिलाओं और शिक्षा पर फोकस
देश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। STEM शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ‘लखपति दीदी’ मॉडल पर आधारित SHE-मार्ट की शुरुआत होगी, जहां महिलाएं अपने उत्पाद सीधे बेच सकेंगी।
ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर: हाई-स्पीड रेल और जलमार्ग
सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है, जिनमें मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और दिल्ली-वाराणसी जैसे रूट शामिल हैं। इसके साथ ही अगले 5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
ग्रीन एनर्जी और ईवी: बैटरी और सोलर होंगे सस्ते
लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़ी मशीनों पर टैक्स छूट बढ़ाई गई है। सोलर ग्लास निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर भी कस्टम ड्यूटी हटाई गई है, जिससे ईवी और सोलर पैनल सस्ते हो सकते हैं।
MSME, पर्यटन और डिजिटल इकोनॉमी
MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए ₹10,000 करोड़ का नया MSME ग्रोथ फंड बनाया जाएगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी।
क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा?
बजट-2026 में जहां कैंसर की दवाएं, ईवी बैटरियां, सोलर उपकरण और विदेशी शिक्षा-इलाज सस्ते हुए हैं, वहीं शराब, कबाड़, कोयला और स्टॉक मार्केट से जुड़े लेन-देन महंगे हो गए हैं।
शेयर बाजार में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
कुल मिलाकर, बजट-2026 को सरकार की विकास-केंद्रित, आत्मनिर्भर और ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में मजबूत पहल माना जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य, रक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
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