Business Remedies/जयपुर। बीकानेर के नोखा तहसील में अपने पुश्तैनी व्यवसाय को आगे बढ़ाकर Parik Polymers फर्म वर्ष 2000 में स्थापित कर पार्टनर Rajkumar Parik और Pawan Parik ने अपनी पहचान कायम की है। फर्म में पाइप व फव्वारा (sprinkler set) की गुणवत्तापूर्ण manufacturing कर नोखा सहित बीकानेर में अपनी फर्म का वजूद कायम किया है।
प्रश्न: आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
उत्तर: मैंने बीकानेर से स्नातक (B.Com) किया है। उसके बाद अपने पुश्तैनी व्यवसाय में आ गया। शुरू से ही व्यवसाय करने की रुचि होने के कारण मैंने आगे पढ़ाई नहीं की और पिताजी Sw. Satyanarayan Parik के साथ व्यवसाय में थोड़ा बहुत समय देने लग गया।
प्रश्न: व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
उत्तर: हमारा पुश्तैनी व्यवसाय वर्ष 1993 से शुरू हुआ था, जो Laxmi Polymers के साथ partnership में रहा। बाद में पिताजी ने अलग से Parik Polymers खोलकर व्यवसाय शुरू किया। स्नातक की पढ़ाई के बाद मैं व्यवसाय में और समय देने लगा। वर्ष 2020 में हम चार पार्टनर—मैं, पत्नी, माताजी और छोटा भाई Pawan Parik—व्यवसाय को पूरी तरह संभालने लगे।
आज छोटा भाई खेतों में सिंचाई के लिए काम आने वाले पाइप व फव्वारा (HDPE—High Density Polyethylene) की manufacturing देख रहे हैं। मैं पूरा marketing और survey का काम संभाल रहा हूं। हमारे यहां पाइप, coil pipe और sprinkler set सहित इसमें लगने वाले उपकरण की manufacturing की जाती है। स्प्रिंकलर सेट मिट्टी में नमी और हल्की सिंचाई के कारण पानी और वायु की समान मात्रा बनाए रखता है। अधिक सर्दी में पाला पड़ने पर फसल को बचाने में भी उपयोगी है। इससे 50–60% तक पानी की बचत हो सकती है।
प्रश्न: वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां आईं, अगर आईं तो उसका समाधान किस तरह किया?
उत्तर: हर व्यवसाय में competition आती है। हमारे व्यवसाय में चुनौतियां आईं, लेकिन हमने सोच-बूझ और डीलरों से निरंतर संपर्क में रहकर समाधान किया। क्वालिटी को नई तकनीक के जरिए अपडेट करते रहते हैं और किसी भी हालत में compromise नहीं करते।
प्रश्न: सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हैं तो बताएं?
उत्तर: मैं कई सामाजिक संगठनों—Rotary Club, Parik Samaj, Marwari Yuva Manch, VIPR Foundation और Brahmin Samaj—से जुड़े हुए हूं और समय-समय पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करता हूं।
प्रश्न: आपके आदर्श कौन हैं?
उत्तर: मेरे आदर्श पिताजी Sw. Satyanarayan Parik हैं। इनके सिद्धांतों पर चलकर ही हम आगे बढ़ पा रहे हैं।
प्रश्न: भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
उत्तर: लोगों का विश्वास जीतना हमारा सर्वोपरि लक्ष्य है। व्यवसाय को नई ऊंचाईयों पर ले जाना मकसद है और नई तकनीक के अनुसार इसमें और चीजें जोड़ सकते हैं।
प्रश्न: नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे?
उत्तर: युवाओं से मेरा सुझाव है कि वे जो भी व्यवसाय करें उसकी पूरी जानकारी रखें। मेहनत और लगन से काम करें। समय की मांग के आधार पर व्यापार करेंगे तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।
प्रश्न: सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि व्यवसाय को और गति मिल सके?
उत्तर: सरकार से हमारी अपेक्षा है कि छोटे व मझौले व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए टैक्स में rebate दें और नई नीतियों से राहत प्रदान करें।




