मुंबई |
फिनटेक उद्यमी मोहित गैंग ने हॉस्पिटैलिटी कंपनी OYO Rooms पर गंभीर कॉर्पोरेट गवर्नेंस उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
गैंग का कहना है कि कंपनी ने पोस्टल बैलट प्रक्रिया में केवल तीन दिन की प्रतिक्रिया खिड़की देकर खुदरा निवेशकों के साथ “daylight heist” यानी दिनदहाड़े लूट जैसी स्थिति पैदा की है।
💥 विवाद की जड़ — बोनस CCPS का प्रस्ताव
OYO ने 27 अक्टूबर को अपने शेयरधारकों के बीच एक पोस्टल बैलट जारी किया था, जिसमें तीन प्रस्ताव शामिल थे:
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अधिकृत पूंजी (Authorised Capital) बढ़ाना
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बोनस Compulsorily Convertible Preference Shares (CCPS) जारी करना
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स्वेट इक्विटी (Sweat Equity) देना
गैंग के अनुसार, असली विवाद दूसरे प्रस्ताव में है — यानी बोनस CCPS जारी करने की प्रक्रिया और समयसीमा में।
⚠️ “तीन दिन में जवाब दो या नुकसान उठाओ” — मोहित गैंग
गैंग ने आरोप लगाया कि कंपनी ने निवेशकों को केवल तीन दिन का समय दिया, ताकि अधिकांश लोग Class B CCPS का विकल्प नहीं चुन सकें।
इस स्थिति में छोटे निवेशक स्वचालित रूप से Class A CCPS में फंस जाएंगे, जो कम लाभदायक है।
उन्होंने कहा,
“Class B स्पष्ट विजेता है और लगभग कोई जोखिम नहीं है।
अगर OYO IPO के लिए मर्चेंट बैंकर नियुक्त करती है, तो हर 6,000 शेयर पर 1,109 अतिरिक्त शेयर मिलेंगे — यानी करीब 18.5% अतिरिक्त लाभ।”
गैंग ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“सिर्फ तीन दिन में प्रतिक्रिया मांगकर, कंपनी ने खुदरा निवेशकों को Class B चुनने से वंचित कर दिया है। यह एक क्लासिक डे-लाइट कॉर्पोरेट हेस्ट है।”
📣 उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
Capitalmind AMC के CEO दीपक शेनॉय ने भी निवेशकों को सतर्क करते हुए X पर लिखा —
“अगर आप OYO के शेयरहोल्डर हैं, तो कृपया ध्यान दें।”
🏢 IPO की तैयारी
OYO जल्द ही अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल करने की तैयारी में है,
और कंपनी का लक्ष्य $7–8 बिलियन वैल्यूएशन पर IPO लाने का है।
कंपनी ने हाल के महीनों में कई बार अपने कैपिटल स्ट्रक्चर और शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बदलाव किए हैं,
जिससे रिटेल निवेशकों में अस्पष्टता और चिंता दोनों बढ़ी हैं।
🔍 सारांश
OYO के CCPS प्रस्ताव ने निवेशकों के बीच एक बार फिर कॉर्पोरेट पारदर्शिता और गवर्नेंस प्रैक्टिसेज़ पर बहस छेड़ दी है।
वहीं, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि IPO से पहले कंपनी को निवेशक विश्वास बहाल करने पर फोकस करना होगा।

