बिजनेस रेमेडीज/जम्मू(आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 से पहले देश में करीब 400 स्टार्टअप्स थे, लेकिन मौजूदा समय में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है, जिसमें से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले के समय धारणा थी कि स्टार्टअप्स की शुरुआत केवल बड़े शहरों में हो सकती है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने यह धारण बदली है। मौजूदा समय में देश में 50 प्रतिशत के करीब स्टार्टअप छोटे शहरों से हैं। इसमें से कई का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने कई योजनाओं के जरिए पूरा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया है, जिससे युवा सरकारी नौकरियों की अपेक्षा आय अर्जित करने वाले अन्य साधनों की ओर देखें, जहां आमदनी के कई अच्छे अवसर मौजूद हैं।
इस कार्यक्रम में आए उधमपुर युवा कारोबारी ने बताया कि उन्होंने हेल्थ सेक्टर में स्टार्टअप शुरू किया है। उनकी कंपनी हार्ट हेल्थ आदि को लेकर काम कर रही है। हमने इस कार्यक्रम में एक हेल्थ सप्लीमेंट लॉन्च किया है, जो लोगों के पोषण की कमी को दूर करेगा। वहीं, एक छात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम में हमें स्टार्टअप शुरू करने के बारे में बताया है और फिलहाल वह कृषि क्षेत्र से चावल की वैरायटी में सुधार करने के लिए एक ऐप पर काम कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी में स्थित भारत मंडपम में स्टार्ट इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का माइलस्टोन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 10 साल की यह यात्रा सिर्फ एक सरकारी योजना के सफल होने की कहानी नहीं है, यह आप जैसे लाखों सपनों की यात्रा है।” इस मौके प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया मिशन में योगदान देने वाले युवाओं की सराहने करते हुए कहा, “हमारे यंग इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं।” कार्यक्रम में आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आप याद कीजिए, 10 साल पहले हालत क्या थे। व्यक्तिगत प्रयास और इनोवेशन के लिए गुंजाइश ही नहीं थी।
हमने उन परिस्थितियों को चैलेंज किया, हमने स्टार्टअप इंडिया लॉन्च किया और हमने युवाओं को खुला आसमान दिया और आज नतीजा हमारे सामने है। सिर्फ 10 साल में स्टार्टअप इंडिया मिशन क्रांति बन चुका है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।”




