वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का नेट प्रॉफिट 12 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा
बिजनेस रेमेडीज/मुंबई(आईएएनएस)। देश के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक ने 31 दिसम्बर को समाप्त चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे शनिवार को जारी किए, जिसमें इस दिग्गज बैंक ने शानदार प्रदर्शन किया। बैंक ने बताया कि दिसम्बर तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट (पीएटी) पिछले साल की तुलना में 12.17 प्रतिशत बढ़ा है। तीसरी तिमाही में बैंक का कुल नेट प्रॉफिट (कंसो) बढक़र 19,806.63 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 17,656.61 करोड़ रुपए था। इस दौरान बैंक की मुख्य आय में भी लगातार बढ़त देखी गई। ब्याज से मिलने वाली आय, यानी नेट इंटरेस्ट इनकम, 6.4 प्रतिशत बढक़र 32,615 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 30,653 करोड़ रुपए थी। एक्सचेंज फाइलिंग में एचडीएफसी बैंक ने बताया कि कुल संपत्तियों पर उसका कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.35 प्रतिशत रहा, जबकि ब्याज कमाने वाली संपत्तियों के आधार पर यह 3.51 प्रतिशत रहा। इस दौरान बैंक के परिचालन राजस्व (ऑपरेशनल रेवेन्यू) में भी इजाफा हुआ है, जो इस तिमाही में 8.4 प्रतिशत बढक़र 27,097.80 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल के इसी तिमाही में 25,000.40 करोड़ रुपए था।
इस तिमाही के लिए प्रावधान 10 प्रतिशत घटकर 2,837.9 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 3,153.85 करोड़ रुपए था। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मामले में बैंक के आंकड़े मिले-जुले रहे। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां यानी ग्रॉस एनपीए 2.3 प्रतिशत घटकर 35,178.98 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी समय 36,018.58 करोड़ रुपए था। हालांकि, नेट एनपीए में थोड़ी बढ़ोतरी हुई और तीसरी तिमाही में यह 3.4 प्रतिशत बढक़र 11,981.75 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी समय 11,587.54 करोड़ रुपए था। वहीं, दिसम्बर तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। इस तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए रेशियो 1.24 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 1.42 प्रतिशत था।
वहीं, नेट एनपीए का रेशियो भी 0.46 प्रतिशत से घटकर 0.42 प्रतिशत हो गया।
बैंक की बैलेंस शीट का आकार भी बढ़ा है। 31 दिसम्बर 2025 तक बैंक की कुल बैलेंस शीट 40,890 अरब रुपए की हो गई, जो एक साल पहले 37,590 अरब रुपए थी।
इस दौरान बैंक में जमा राशि भी बढ़ी है। औसत जमा 12.2 प्रतिशत बढक़र 27,524 अरब रुपए हो गई। वहीं चालू और बचत खाते यानी सीएएसए डिपोजिट 9.9 प्रतिशत बढक़र 8,984 अरब रुपए हो गए। कर्ज देने के मामले में भी बैंक की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। 31 दिसम्बर 2025 तक कुल कर्ज 11.9 प्रतिशत बढक़र 28,446 अरब रुपए हो गया।




