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प्रोजेक्ट नंद घर के सहयोग से 52 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ले रही हैं 12वीं कक्षा की शिक्षा

by Business Remedies
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जयपुर। जयपुर के वाटिका गाँव में स्थित नंद घर की 52 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता सैन ने संकल्प और दृढ़ता की मिसाल पेश करते हुए अपनी 10वीं कक्षा की शिक्षा कुशलतापूर्वक पूर्ण कर ली है। वे अपने पूरे जीवन में कई चुनौतियों से होकर गुज़री हैं। कम उम्र में शादी से लेकर कई वित्तीय बाधाएँ उनके जीवन में रोड़ा बनकर खड़ी रहीं, जिसके कारण उच्च शिक्षा लेने की उनकी इच्छा पर विराम लगते चले गए। हालाँकि, सीखने और आत्म-सुधार के प्रति उनके अथक जुनून ने उन्हें कभी-भी पीछे नहीं हटने दिया। बस फिर क्या था, उन्होंने समुदाय के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के लिए एक जिम्मेदार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में खुद का नामांकन कराया। प्रोजेक्ट नंद घर और अपनी बेटी से प्रेरणा लेकर उन्होंने 10वीं कक्षा की शिक्षा पूर्ण की। केंद्र ने उन्हें अपने कौशल में सुधार करने के लिए न सिर्फ एक प्रेरक वातावरण प्रदान किया, बल्कि उनकी 10वीं कक्षा की शिक्षा पूरी करने में उनका मार्गदर्शन भी किया।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सुनीता सैन की कहानी शिक्षा के महत्व और महिला सशक्तिकरण की महत्ता का एक जीता-जागता प्रमाण बन चुकी है। आज के समय में वे कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का अनूठा स्त्रोत हैं।

10वीं कक्षा की शिक्षा पूर्ण करने के बाद ‘ज्ञान’ शब्द जैसे सुनीता के लिए एक आस बन गया है। वे अपनी शिक्षा को आगे जारी रखने के लिए बेहद उत्सुक हैं। वर्तमान में, वे अपनी 12वीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हिंदी और विज्ञान उनके पसंदीदा विषय हैं और वे आजीवन सीखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में, उनकी मंशा अंग्रेजी भाषा के कौशल को बढ़ाने की है। सुनीता सैन की कहानी शिक्षा, सुदृढ़ता और सामुदायिक समर्थन की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है। नंद घर के माध्यम से, वे न सिर्फ स्थानीय बच्चों की शिक्षा में योगदान देती हैं, बल्कि अपनी अदम्य भावना और सीखने के प्रति अटूट समर्पण से अपने आस-पास के लोगों को प्रेरित करके अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास भी करती हैं।

नंद घर अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की एक पहल है, जो वेदांता की सामाजिक प्रभाव शाखा है और आधुनिक आंगनबाड़ीयों का एक नेटवर्क है। यह भारत के 14 राज्यों में अपनी उपस्थिति के साथ महिलाओं और बच्चों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बन रहा है। यह समुदायों को प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल के माध्यम से समग्र विकास के अवसर प्रदान करता है, जिससे शहरी और ग्रामीण भारत के बीच का अंतर खत्म होता है और आंगनबाड़ी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलती है। जयपुर में, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने 1123 नंद घर विकसित किए हैं, जिसने लगभग 50,000 बच्चों और 35,000 महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण की यात्रा को सुगम बना दिया है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन राजस्थान में 29,0000नंद घर विकसित कर रहा है।

सुनीता नंद घर पहल द्वारा स्थापित किए गए सकारात्मक प्रभाव का जीता-जागता उदाहरण है, जो सामाजिक वकालत और वास्तविक दुनिया में परिवर्तन के बीच उस अद्भुत संबंध को दर्शाती हैं, जो वे समुदायों के जीवन में ला सकते हैं।



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