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Waaree Group को मिला 10 मेगावाट-घंटा BESS का Order

यह उपलब्धि भारत के तेज़ी से बढ़ते ऊर्जा भंडारण बाज़ार में Waaree Group की स्थिति को और मज़बूत करती है

by Business Remedies
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भारत, 27 नवंबर 2025: भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा समाधान प्रदाता, Waaree Group ने आज घोषणा की कि उसे एक प्रमुख बुनियादी ढांचा विकास कंपनी से 10 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) का आर्डर मिला है, जिसे Tamil Nadu में स्थापित किया जाएगा।

यह रणनीतिक सफलता भारत के ऊर्जा भंडारण परितंत्र में Waaree Group की स्थिति को और मज़बूत करती है। साथ ही इससे स्वच्छ ऊर्जा मूल्य शृंखला में कंपनी की बढ़ती क्षमता ज़ाहिर होती है, जिसका विस्तार सौर PV विनिर्माण तथा EPC से लेकर अगली पीढ़ी की ऊर्जा भंडारण प्रणाली, हरित हाइड्रोजन तथा grid-स्तरीय बुनियादी ढांचा तक है। Waaree Group देश में भंडारण निर्माण का भी तेज़ी से विस्तार कर रहा है, जिसमें 4 गीगावाट-घंटा सेल उत्पादन लाइन तथा 5 गीगावाट-घंटा pack-and-container सुविधा शामिल है। इसका निर्माण यूटिलिटी (utility) स्तरीय तथा वाणिज्यिक एवं औद्योगिक प्रयोग में मदद करने के लिए किया जा रहा है। कंपनी को इन एकीकृत विनिर्माण क्षमताओं से बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाले, पूर्णतः स्वदेशी BESS समाधान प्रदान करने में मदद मिलेगी।

भारत के सौर बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए BESS क्यों अनिवार्य है?

भारत की सौर-नेतृत्व वाली वृद्धि में प्रमुख रूप से सहायक: BESS नवीकरणीय विद्युत की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करता है, उत्पादन कटौती को कम करता है तथा सौर परिसंपत्तियों के कमतर उपयोग को रोकता है।

ग्रिड स्थिरता में बढ़ोतरी: नवीकरणीय ऊर्जा के प्रवेश में वृद्धि के साथ भंडारण अनियमितता को सुचारू बनाने, चरम मांग का समर्थन करने तथा ग्रिड में व्यवधान रोकने के लिए आवश्यक हो जाता है।

भारत के सार्वजनिक EV अपनाने की प्रक्रिया को सहयोग: BESS बड़े EV चार्जिंग नेटवर्क को ऊर्जा प्रदान करने में बड़ी भूमिका निभाएगा, तेज़ चार्जिंग में मदद करेगा, लोड का संतुलन सुनिश्चित करेगा तथा वितरण बुनियादी ढांचे पर दबाव कम करेगा।

घरेलू ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना: भारत में सौर क्षमता और बैटरी निर्माण दोनों के विस्तार के बीच भंडारण प्रणालियां दीर्घकालिक स्वच्छ-ऊर्जा योजना की आधारशिला बन रही हैं।

Tamil Nadu का नवीकरणीय ऊर्जा अभियान

राज्य में 20 गीगावाट से अधिक की पवन एवं सौर क्षमता है।
अलग-अलग किस्म के उत्पादन को एकीकृत करने के लिए grid-संबद्ध BESS का सक्रिय रूप से विस्तार किया जा रहा है।
हाल ही में 1.5 गीगावाट-घंटा वाली स्वतंत्र BESS निविदा जारी की गई, जो तेज़ी से स्थापना किए जाने की मांग का संकेत है।

राष्ट्रीय भंडारण परिदृश्य

National Electric Policy (NEP), Ministry of New and Renewable Energy (MNRE) तथा Central Electricity Authority (CEA) के विश्लेषणों के अनुसार 2020 के दशक के अंत तथा 2030 के दशक की शुरुआत में दर्ज़नों से सैकड़ों गीगावाट-घंटा तक भंडारण की आवश्यकता सामने आने का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2026-27 से क्षमता में तेज़ वृद्धि की उम्मीद है।

Waaree Group के President–Strategy, Shri Ankit Doshi ने इस आर्डर के बारे में कहा,
“इस 10 मेगावाट-घंटा BESS के आर्डर से Waaree Group की एकीकृत क्षमताओं तथा भारत के स्वच्छ-ऊर्जा संक्रमण में मदद करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता रेखांकित होती है। नवीकरणीय बिजली के लिए भंडारण महत्वपूर्ण क्षेत्र है, और हम देश की लचीली एवं प्रेषणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी, डिजाइन तथा निर्माण में गहन निवेश कर रहे हैं। Tamil Nadu में यह परियोजना हमारे उस उद्देश्य को और सुदृढ़ करती है जिसके तहत हम विश्वसनीय, भविष्य की ज़रूरतों पूरा करने वाले समाधान तैयार करना चाहते हैं जो ग्रिड की स्थिरता को मजबूत करें तथा बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने की प्रक्रिया में तेज़ी लाएं।”

Waaree Group, सुदृढ़ विनिर्माण क्षमता, केंद्रित अनुसंधान एवं विकास तथा व्यापक स्वच्छ-ऊर्जा पोर्टफोलियो के साथ सुरक्षित, विस्तार योग्य तथा विश्वसनीय BESS समाधान प्रदान करने के लिए बेहतरीन स्थिति में है, जो राज्य की प्राथमिकताओं तथा राष्ट्रीय नवीकरणीय एकीकरण लक्ष्य, दोनों के अनुरूप हैं। Waaree की 4 गीगावाट-घंटा सेल लाइन तथा 5 गीगावाट-घंटा बैटरी pack-and-container इकाई इसे भारत की बढ़ती utility-स्तरीय भंडारण आवश्यकताओं को पूर्णतः स्थानीयकृत, उच्च-प्रदर्शन प्रणालियों के ज़रिये पूरा करने में और मदद करती है।



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